गोरखपुर: बसंतपुर में कब्रिस्तान की जमीन पर अवैध कब्जा और प्लॉटिंग – जिलाधिकारी को शिकायत

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गोरखपुर के बसंतपुर खारा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कब्रिस्तान पर अवैध कब्जे और प्लॉटिंग का मामला सामने आया है। कब्रिस्तान कमेटी ने जिलाधिकारी को शिकायत दी है कि कुछ लोगों ने राजस्व दस्तावेजों में हेरफेर कर अपना नाम दर्ज कराया और पवित्र कब्रिस्तान की जमीन पर “प्लॉट बिकाऊ है” का बोर्ड लगा दिया।

यह कब्रिस्तान घूरनशाह तकिया के नाम से प्रसिद्ध है और यहां सूफी संतों की मजारें हैं। कमेटी ने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह मामला कब्रिस्तान की पवित्रता और सामाजिक न्याय से जुड़ा है।

कब्रिस्तान का इतिहास और महत्व

यह कब्रिस्तान बहुत पुराना है। इसमें:

  • सूफी संत सैयद चिराग अली शाह (देहांत 1938) की मजार।
  • सूफी संत सैयद बद्र शाह (देहांत 1957) की मजार।

क्षेत्र घूरनशाह तकिया के नाम से जाना जाता है। पुराने रिकॉर्ड में:

  • 1292 फसली (1885 ई.) में आराजी नंबर 351।
  • 1323 फसली में आराजी नंबर 377, रकबा 54 डिस्मिल 2 कड़ी, कब्रिस्तान के रूप में दर्ज।

जमीन सदियों से कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल हो रही है।

अवैध कब्जा और हेरफेर का आरोप

कुछ लोगों ने राजस्व रिकॉर्ड में गलत तरीके से नाम दर्ज कराया। नामित व्यक्ति:

  • मोहम्मद शाहब सिद्दीकी।
  • मोहम्मद शहनवाज।
  • मोहम्मद अहमद के पुत्र मोहम्मद अतहर, मोहम्मद अजहर।
  • श्रीमती रजिया बेगम आदि।

इन लोगों ने कब्रिस्तान पर कब्जा करने की कोशिश की और प्लॉटिंग कर बोर्ड लगा दिया।

पहले की शिकायतें: कोई कार्रवाई नहीं

कब्रिस्तान कमेटी ने पहले भी शिकायत की थी:

  • 27 नवंबर 2025 को।
  • 11 दिसंबर 2025 को।

साक्ष्यों के साथ प्रार्थना पत्र दिए गए, लेकिन:

  • कब्जा नहीं हटाया गया।
  • गलत नाम रिकॉर्ड से नहीं काटे गए।

कमेटी ने कहा कि यह लापरवाही है।

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