UP बिजली: गोरखपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने सभी बिजली कर्मचारियों (सेवारत और रिटायर्ड दोनों) के लिए बड़ा फैसला लिया है। 31 दिसंबर 2025 तक अपने घरों में स्मार्ट मीटर लगवाना हर कर्मचारी के लिए अनिवार्य कर दिया गया है। यह आदेश खुद UPPCL चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने जारी किया है।
क्यों लग रहे हैं कर्मचारियों के घर स्मार्ट मीटर?
अभी तक बिजली विभाग के कर्मचारियों को फिक्स चार्ज सिस्टम का लाभ मिलता है।
- सहायक अभियंता → ₹1,092 प्रतिमाह फिक्स
- कार्यकारी अभियंता → ₹1,164 प्रतिमाह फिक्स
- एसी, हीटर, कूलर कितना भी चलाओ – सिर्फ ₹600 प्रति एसी अतिरिक्त
लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद रियल-टाइम खपत की मॉनिटरिंग होगी और बिल वास्तविक यूनिट के हिसाब से आएगा। UP बिजली प्रबंधन का मानना है कि इससे गलत फायदा लेने की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
जिम्मेदारी किसकी?
- हर क्षेत्र के जूनियर मीटर टेस्टर (JMT) को अपने इलाके के सभी बिजली कर्मचारियों (AE, XEN, SDO, रिटायर्ड तक) की लिस्ट दी गई है।
- 31 दिसंबर 2025 तक 100% इंस्टॉलेशन पूरा करना अनिवार्य।
- टारगेट पूरा न करने वाले JMT को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया जाएगा।
कर्मचारियों का भारी विरोध
बिजली कर्मचारी इसे निजीकरण की ओर पहला कदम बता रहे हैं। कई जगहों पर तो जेई और जेएमटी के साथ अभद्रता और हाथापाई तक की नौबत आ गई। कर्मचारियों का कहना है:
- “फिक्स चार्ज बढ़ाने की साजिश है”
- “निजीकरण का रास्ता साफ करने के लिए ऐसा किया जा रहा है”
- “हमारे घर में मीटर लगेगा तो आम उपभोक्ता का क्या होगा?”
प्रबंधन की चेतावनी
- सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ FIR दर्ज होगी।
- मीटर लगाने से मना करने वाले कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई होगी।
- प्रबंधन बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगा।
गोरखपुर में क्या है स्थिति?
गोरखपुर में भी सैकड़ों बिजली कर्मचारियों के घरों में अभी तक स्मार्ट मीटर नहीं लगे हैं। कई कर्मचारी मीटर लगने नहीं दे रहे, तो कहीं ताला लगाकर चले जा रहे हैं। विद्युत वितरण खंडों में हड़कंप मचा हुआ है।
पूरे यूपी में यही हाल
यह आदेश पूरे उत्तर प्रदेश के लिए है। लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ – हर जिले में एक ही निर्देश लागू है।
अंतिम तारीख: 31 दिसंबर 2025
अगर आप या आपके परिवार में कोई बिजली विभाग से जुड़ा है, तो अभी से तैयारी शुरू कर दें। क्योंकि इसके बाद कोई छूट नहीं मिलने वाली।
निष्कर्ष स्मार्ट मीटर पूरे देश में लग रहे हैं, लेकिन सबसे पहले अपने कर्मचारियों के घर लगवाने का यह अनोखा कदम
यूपी पावर कॉर्पोरेशन ने उठाया है।
देखना यह है कि 31 दिसंबर तक टारगेट पूरा होता है या कर्मचारियों का आंदोलन और तेज होता है।
क्या आपको लगता है यह फैसला सही है या कर्मचारियों की चिंता जायज है? कमेंट में जरूर बताएं।
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