गोरखपुर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से बर्फीली हवाओं ने गलन को चरम पर पहुंचा दिया है। बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है और लोग अलाव के पास बैठकर ठंड से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्थिति 30 दिसंबर 2025 की है, जब तापमान सामान्य से काफी नीचे गिर गया। पश्चिमी विक्षोभ से पहाड़ों में बर्फबारी हुई और मैदानों में ठंडी हवाएं पहुंचीं। गोरखपुर और पूर्वांचल में गलन इतनी बढ़ गई है कि दिन में भी लोग घरों में कैद हैं।
बाजारों में दुकानें खुली हैं, लेकिन ग्राहक कम हैं। सड़कों पर वाहन कम और लोग गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आ रहे हैं। अलाव की व्यवस्था कई जगह की गई है, जहां मजदूर और गरीब लोग बैठकर गर्माहट ले रहे हैं। ठंड से स्वास्थ्य जोखिम बढ़ गए हैं – सांस की बीमारी, जोड़ दर्द और फीवर के मामले बढ़े हैं।
मौसम विभाग ने कहा कि विक्षोभ का असर नए साल तक रहेगा। गोरखपुर में न्यू ईयर और खिचड़ी मेले की तैयारियां हैं, लेकिन ठंड असर डाल रही है। लोग अलाव जलाकर रात गुजार रहे हैं। यह बर्फीली हवा जनजीवन को प्रभावित कर रही है। यदि आप गोरखपुर में हैं, तो बाहर निकलते समय सावधानी बरतें। ठंड से बचाव जरूरी है।
बर्फीली हवा और गलन: विक्षोभ का असर
पश्चिमी विक्षोभ ने ठंड बढ़ाई:
- बर्फीली हवाएं।
- तापमान गिरावट।
- गलन चरम पर।
- दिन में ठिठुरन।
- रात में सबसे ज्यादा।
- पहाड़ बर्फबारी।
- मैदान प्रभावित।
विक्षोभ नए साल तक असर डालेगा।
बाजारों में सन्नाटा: जनजीवन प्रभावित
ठंड से बाजार:
- दुकानें खुली लेकिन ग्राहक कम।
- सड़कें सूनी।
- व्यापार प्रभावित।
- शाम जल्दी बंद।
- न्यू ईयर शॉपिंग कम।
- लोग घरों में।
- अलाव पास बैठे।
सन्नाटा पसरा है।
अलाव की व्यवस्था: राहत का सहारा
लोग अलाव पर:
- मजदूर और गरीब।
- रात गुजारना।
- गर्माहट।
- चाय और बातें।
- प्रशासन अलाव।
- ठंड से बचाव।
- सामाजिक दृश्य।
अलाव राहत दे रहे हैं।
स्वास्थ्य जोखिम: बीमारियां बढ़ीं
ठंड से खतरे:
- सांस समस्या।
- जोड़ दर्द।
- वायरल फीवर।
- बच्चे-बुजुर्ग प्रभावित।
- अस्पताल मरीज।
- ठंड से मौत संभव।
- सावधानी जरूरी।
डॉक्टर अलर्ट।
बचाव टिप्स: ठंड से सुरक्षित
ठंड में क्या करें:
- गर्म कपड़े पहनें।
- अलाव या हीटर।
- गर्म पानी पिएं।
- बाहर कम निकलें।
- स्वास्थ्य चेक।
- बच्चों ध्यान।
- अपडेट देखें।

