सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट: चांदी ₹12,000 सस्ती होकर ₹2.36 लाख प्रति किलो, सोना ₹1,232 गिरकर ₹1.35 लाख पर

सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

भारतीय सर्राफा बाजार में 8 जनवरी 2026 को निवेशकों ने बड़ी प्रॉफिट बुकिंग की, जिससे सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। चांदी की कीमत प्रति किलोग्राम ₹12,000 से अधिक गिरकर ₹2.36 लाख पर आ गई, जबकि सोना ₹1,232 प्रति 10 ग्राम सस्ता होकर ₹1.35 लाख के स्तर पर पहुंच गया। यह गिरावट वैश्विक बाजारों में डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली से प्रभावित हुई।

गुरुवार, 08 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश की बड़ी खबर – सीएम योगी का गोरखनाथ मंदिर प्रवास, भू-माफियाओं पर सख्त निर्देश UP: सीएम योगी बोले- जमीन कब्जाने वाले भू माफियाओं का करें ‘उपचार’, आभाव में नहीं रुकेगा किसी का इलाज गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गुरुवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़ खिलाया।    eska complet blog bna dijiye seo friendly 600 word me heding ke sath meata descrtion and tag bhi ho last me comma ho

शहरवार सोना-चांदी के भाव (8 जनवरी 2026)

हालांकि सटीक शहरवार भाव बाजार के अनुसार बदलते रहते हैं, लेकिन औसतन:

  • सोना (24 कैरेट, प्रति 10 ग्राम): ₹1,35,000 से ₹1,38,000
  • चांदी (प्रति किलोग्राम): ₹2,36,000 से ₹2,40,000

दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में गिरावट समान रही। ज्वेलरी खरीदारों के लिए यह अच्छा मौका है, लेकिन निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह है।

गिरावट का निवेशकों और खरीदारों पर प्रभाव

जो निवेशक ऊंचे भाव पर सोना-चांदी खरीद चुके हैं, उन्हें नुकसान हुआ है।

वहीं, शादी-विवाह के सीजन में ज्वेलरी खरीदने वालों को राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह गिरावट अस्थायी हो सकती है,

क्योंकि भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रास्फीति की चिंताएं अभी बनी हुई हैं। लंबे समय में सोना-चांदी सुरक्षित निवेश बने रहेंगे।

2026 में सोने के ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम और चांदी के ₹3 लाख प्रति किलो पहुंचने की भविष्यवाणियां हैं,

लेकिन अल्पकालिक उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।

आगे क्या? विशेषज्ञों की राय

विश्लेषकों के अनुसार, अगर डॉलर कमजोर होता है तो कीमतें फिर उछाल ले सकती हैं।

सपोर्ट लेवल पर खरीदारी की सलाह दी जा रही है। प्रॉफिट बुकिंग के बाद बाजार स्थिर हो सकता है।

निवेशकों को एमसीएक्स ट्रेंड और वैश्विक संकेतों पर नजर रखनी चाहिए

8 जनवरी 2026 की यह गिरावट प्रॉफिट बुकिंग का नतीजा है, जो बाजार की सामान्य प्रक्रिया है।

लंबे निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं, जबकि नए खरीदार मौके का फायदा उठा सकते हैं।

सोना-चांदी हमेशा से भारतीयों का पसंदीदा निवेश रहा है और रहेगा।

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