Greater Noida: क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता का निधन, स्टेज-4 लिवर कैंसर से लंबी लड़ाई हारी

भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह

क्रिकेट जगत में शोक की लहर: रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का शुक्रवार सुबह ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल में निधन हो गया। वे स्टेज-4 लिवर कैंसर से कई दिनों से जूझ रहे थे। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था और हालत गंभीर होने के कारण वे वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। इस दुखद खबर ने क्रिकेट प्रेमियों और रिंकू के प्रशंसकों को गहरा सदमा पहुंचाया है।

कई दिनों से चल रहा था कैंसर का इलाज

खानचंद सिंह को करीब तीन दिन पहले गंभीर हालत में यथार्थ अस्पताल में भर्ती कराया गया था। स्टेज-4 लिवर कैंसर के कारण उनकी स्थिति लगातार बिगड़ रही थी। रिंकू सिंह को पिता की गंभीर बीमारी की सूचना मिलते ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच टीम कैंप से घर लौटना पड़ा। वे चेन्नई से ग्रेटर नोएडा पहुंचे और परिवार के साथ पिता के अंतिम क्षणों में रहे। हालांकि जिम्बाब्वे के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच से पहले उन्हें टीम में वापस लौटना पड़ा। पिता की मौत की खबर मिलने पर रिंकू और पूरा परिवार गमगीन है।

पिता खानचंद सिंह का संघर्षपूर्ण जीवन

खानचंद सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के रहने वाले थे। वे गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे और घर-घर सिलेंडर ढोकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी मासिक कमाई महज 12,000 रुपये के आसपास थी, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। रिंकू की क्रिकेट में रुचि शुरू में उन्हें पसंद नहीं थी। वे बेटे को पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए डांटते-पीटते थे। लेकिन रिंकू की लगन और प्रतिभा देखकर पिता ने उनका पूरा साथ दिया। कामयाबी के बाद भी खानचंद सिंह ने काम नहीं छोड़ा। वे बेटे की सफलता के पीछे मजबूत स्तंभ बने रहे। उनका त्याग और मेहनत रिंकू की इस ऊंचाई तक पहुंचने का आधार रहा।

टी20 वर्ल्ड कप के बीच परिवार के साथ रिंकू

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान रिंकू सिंह को पिता की गंभीर स्थिति की जानकारी मिली। वे तुरंत घर लौटे और अस्पताल में पिता से मिले। परिवार के साथ समय बिताया, लेकिन मैच की जिम्मेदारी के कारण दोबारा टीम में शामिल होना पड़ा। जिम्बाब्वे मैच में उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली, लेकिन उनका मन परिवार के साथ ही था। पिता की मौत की खबर ने क्रिकेट जगत को झकझोर दिया। हरभजन सिंह, राजीव शुक्ला,

बीसीसीआई अधिकारियों और कई पूर्व खिलाड़ियों ने सोशल मीडिया पर संवेदना व्यक्त की।

प्रशंसकों और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर #RIPKhanchandSingh और #StayStrongRinku ट्रेंड कर रहा है। फैंस लिख रहे हैं कि

पिता का सपना रिंकू ने पूरा किया और अब वे मजबूती से आगे बढ़ें। यह घटना बताती है कि

खेल के मैदान के बाहर भी जीवन की चुनौतियां कितनी कठिन होती हैं।

रिंकू के परिवार को इस दुख की घड़ी में पूरे देश का साथ और प्रार्थना मिल रही है।

खानचंद सिंह का जीवन संघर्ष, समर्पण और बेटे के लिए त्याग का जीवंत उदाहरण है।

उनकी याद रिंकू को और मजबूत बनाएगी। क्रिकेट प्रेमी रिंकू सिंह के साथ खड़े हैं और

प्रार्थना कर रहे हैं कि वे इस दुख से उबरें और मैदान पर शानदार वापसी करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *