गोरखपुर: पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के आवाहन पर गोरखपुर के उत्तर प्रदेश पंचायती राज, ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष एवं मंडल प्रभारी रमेश कुमार भारती के नेतृत्व में
गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने पंत पार्क से पंचायती राज विभाग एवं राज्य कर्मचारी महासंघ, लोक निर्माण विभाग, केo केo फडरेशन ऑफ़ सर्विस, मिनिस्ट्रीएल सर्विसेज,
मिनिस्ट्रीएल एसोसिएशन, अटेवा पेंशन बचाओ मंच, सभी शिक्षक कर्मचारी संगठनों के कर्मचारियों का एक विशाल जनसमूह तरह-तरह के बैनर, झंडे, तख्ती, इश्तिहारों एवं नारों के साथ
पेंशन शंखनाद, मोटरसाइकिल एवं पदयात्रा रैली शहर के विभिन्न चौराहों से होते हुए जिला अधिकारी कार्यालय पर पहुंचकर जिला अध्यक्ष द्वारा जिला अधिकारी को ज्ञापन दिया गया.
इसमें हजारों केन्द्र एवं राज्य के कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के लिए पूरजोर तरीके से अपनी मांग रखा. जिला अध्यक्ष रमेश कुमार भारती ने कहा कि
“अगर हमारी पुरानी पेंशन सरकार बहाल नहीं करती है तो हम सभी शिक्षक कर्मचारी 17 नवंबर, 2024 को दिल्ली के जंतर मंतर पर पूरे देश के शिक्षक कर्मचारी इकट्ठा होकर एक बड़ा आंदोलन करेंगे.”
2027 में उत्तर प्रदेश की सरकार को उखाड़ फेंकने से कोई परहेज नहीं करेंगे. जिला महामंत्री रामसूरत यादव एवं जिला कोषाध्यक्ष राम मिलन पासवान ने मीडिया के माध्यम से कहा कि
“विधायक, सांसद, मंत्री अगर पुरानी पेंशन ले सकते हैं तो हमें क्यों पुरानी पेंशन नहीं दे सकते हैं.? जिला मीडिया प्रभारी राजकुमार व शमसुद्दोहा, जिला संगठन मंत्री राम दुलारे यादव,
जिला संप्रेक्षक उमेश सिंह, आल इंडिया रेलवे एससी एसटी एसोसिएशन के केन्द्रीय महामंत्री चंद्रशेखर, तारकेश्वर शाही, प्रभाकर मिश्रा, जन्मेजय पांडेय, प्रबुद्ध चंद्र,
अजीत यादव, धर्मेंद्र कुमार, महेश्वर शरण सिंह ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि हम शिक्षक कर्मचारियों का पुरानी पेंशन बहाली बहुत जरूरी है. पुरानी पेंशन हमारे बुढ़ापे की लाठी और बुढ़ापे की दवा है.
हम सरकार से अनुरोध करते हैं कि आप जिस तरह से एन.पी.एस. से यू.पी.एस. 20 वर्ष बाद संशोधन किया है इसी तरह से हम शिक्षक कर्मचारियों का OPS यानी पुरानी पेंशन बहाल करके हम सभी शिक्षक कर्मचारियों का मसीहा बन जाएं.
इस रैली में बलराम गौतम, परदेशी पासवान, सुरेश कुमार भारती, देवी प्रसाद,राजू, राकेश कुमार, सुनील कुमार, शम्भू नाथ गौड़, बृजेश कुमार गौड़,
त्रयंबकम त्रियमक मणि त्रिपाठी, ग्यासुद्दीन, पवन कुमार भारती, ऐजाज अहमद अंसारी, भजुराम, व बड़ी संख्या में शिक्षक कर्मचारियों ने हिस्सा लिया.


