बिजलीकर्मियों के आन्दोलन से बौखलाए चेयरमैन बिजली व्यवस्था बेपटरी करने पर आमादा: संघर्ष समिति

gorakhpur halchal

विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मांग किया है कि वह  ऊर्जा निगमों में पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन

डॉ आशीष गोयल द्वारा लागू की जा रही आपातकाल जैसी परिस्थितियों में तत्काल हस्तक्षेप करने की कृपा करें जिससे ऊर्जा निगमों की औद्योगिक शांति न भंग हो और इस भीषण गर्मी में प्रदेश की बिजली व्यवस्था में कोई व्यवधान न आए.

संघर्ष समिति ने कहा कि विगत 07 माह से आंदोलनरत बिजलीकर्मी आंदोलन के साथ-साथ बिजली व्यवस्था सामान्य बनाए हुए हैं.

ऐसा प्रतीत होता है कि इससे बौखलाए चेयरमैन समय समय पर बिजली कर्मचारियों को उकसा कर बिजली व्यवस्था बेपटरी करने पर आमादा हैं.

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों इं. पुष्पेन्द्र सिंह, इं. जीवेश नन्दन , इं. जितेन्द्र कुमार गुप्त, इं. भानुप्रताप सिंह , इं. पंकज गुप्ता , इं. योगेश यादव, इं. शिवमनाथ तिवारी,

सर्वश्री प्रभुनाथ प्रसाद, संगमलाल मौर्य, इस्माइल खान आदि ने बताया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चेयरमैन डॉ आशीष गोयल ने यह कहा था कि जो बिजली कर्मचारी जेल जाना चाहते हैं उनको ससम्मान जेल भिजवा दिया जाएगा.

अब पावर कारपोरेशन ने जेल जाने वाले कर्मचारियों का विवरण मांगने के लिए एक फॉर्मेट जारी कर दिया है. फॉर्मेट में जेल जाने वाले कर्मचारियों की सूची 26 जून तक मांगी गई है.

यह भी धमकी दी जा रही है कि 1975 में लागू आपातकाल में 19 माह बाद लोग रिहा कर दिए गए थे किन्तु अब गिरफ्तार किए जाने वाले बिजलीकर्मियों को रिहा नहीं किया जाएगा.

संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कारपोरेशन के चेयरमैन का यह कदम सरासर अवांछनीय और बेहद उकसाने वाला है, इससे प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित हो सकती है.

संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली के निजीकरण के विरोध में तथा चेयरमैन के अन्यायपूर्ण कृत्यों और दमन के विरोध में पॉवर कारपोरेशन का एक एक कर्मचारी जेल जाने को तैयार है.

चेयरमैन को इस बात का एहसास नहीं है कि वे ऊर्जा निगमों में औद्योगिक अशांति और टकराव का वातावरण बना कर प्रदेश को अंधेरे में डालना चाहते हैं.

संघर्ष समिति ने कहा कि चेयरमैन जब चाहें बिजली कर्मी लाइन लगाकर सभी जनपदों में सामूहिक गिरफ्तारियां देने के लिए तैयार हैं.

संघर्ष समिति ने ऐलान किया है कि प्रबंधन द्वारा ऊर्जा निगमों में आपातकाल लगाने के विरोध में 27 जून को बिजलीकर्मी “चेतावनी दिवस” मनाएंगे.

27 जून को समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर बिजलीकर्मी अपराह्न 2:00 बजे से 5:00 बजे के बीच प्रदर्शन कर प्रबन्धन के उत्पीड़न और दमन के विरोध में एकताबद्ध होकर चेतावनी देंगे.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *