- तहसील सदर में कोई भी कार्य ढंग से नहीं होता, लोक सेवकों की चलती है मनमानी, दिनभर रिपोर्ट के लिए लेखपालों के कार्यालयों का चक्कर लगाने पर होते हैं मजबूर
लेखपाल कानूनगो की किसी भी सम्बंधित मामले में वर्षों तक रिपोर्ट न लगाने, पक्षपाती करने, धनउगाही करने, फरियादियों को अपने दफ्तरों के चक्कर लगवाने,
लेखपालों को अपने हलके में निवास न करने, गलत रिपोर्ट लगाने, लेखपाल व क़ानूनगो द्वारा अपनी संपत्ति का निष्पक्ष ब्यौरा सरकार को न देने आदि मामलों को लेकर अधिवक्ताओं में रोष दिखा है.
मौके पर आज दिनांक 2 अप्रैल को दोपहर 12:00 तक तहसीलदार/नगर मजिस्ट्रेट के चेम्बर में ताला लगा रहना व खुद के कार्यालय से नदारद रहना, इस बात की गवाही देता है कि जब ऊपर के ही जिम्मेदार भ्रष्टाचार में लिप्त हैं तो निचले स्तर के लेखपालों सहित कर्मचारियों की मौज ही मौज है.
ऐसा बताया जा रहा है कि तहसील में इस समय गलत एवं फर्जी रिपोर्ट की भरमार लगी हुई है. फरियादियों के फाइलों को इधर से उधर ट्रांसफर करके तहसील सदर के लोक सेवक वर्षों से दौड़ा रहे हैं.
वर्तमान समय में लोगों के सेवा की शपथ लेकर लोकसेवक मौजूद तो हैं किन्तु खुद को धरातल पर मालिक बन बैठे हैं. यही वजह है कि मुख्यमंत्री के गृह जनपद का तहसील सदर का कार्य भगवान भरोसे चल रहा है.


