- खाना, बोलना, चलना, मां से ‘जन्मना हासिल नैसर्गिक अधिकार’ है, संविधान में इसकी गारंटी दी गई है-‘हमें स्वतंत्रता से जीने दें’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर पूर्वांचल गांधी डॉ संपूर्णानंद मल्ल ने जोरदार ढंग से अपनी बात रखते हुए बताया है कि मै ऐसी कोई व्यवस्था अस्वीकार करता हूं जो ‘कहीं आने जाने की हमारी स्वतंत्रता’ एवं सम्मान पूर्वक जीने के मौलिक अधिकार को सीमित/कम/ वायलेट”करता है.
निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स हमारी “स्वतंत्रता एवं सम्मान” का वायलेशन है. यह ‘समानता के मौलिक अधिकार की भी हत्या है क्योंकि मंत्री, सांसद, विधायक सहित तीन दर्जन से अधिक VIP की गाड़ियों पर टोल टैक्स नहीं लगता जबकि लोगों की निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स लगता है.
उल्लेखनीय है कि ‘समानता के मौलिक अधिकार में VIP आधार पर टोल टैक्स में छूट का प्रावधान नहीं है. निजी गाड़ियों पर TT ‘बेशर्म लूट का एक ऐसा रूप है जो ‘पाइप लाइन’ की तरह काम कर रहा है.
गाड़ी खरीदने पर ‘एक्साइज ड्यूटी’, ‘वन टाइम रोड टैक्स’, रु 50 का डीजल पेट्रोल ₹100 में और जब गाड़ी सड़क पर जाती है तब ‘टोल अड्डों’ पर खड़े लुटेरे, गुंडे, ‘भय’ पूर्वक लूटते हैं.
प्रत्येक व्यक्ति जो अपने श्रम की कमाई से खरीदी गई गाड़ी से चलता है, उसका अधिकार एवं कर्तव्य है कि आपने पैरों में डाली गई ‘टैक्स की बेड़ी तोड़ दे.
इसलिए मैं चाहता हूं कि हमारे द्वारा ‘हमारे लिए ‘बनाई गई’ डेमोक्रेटिक गवर्नमेंट’ निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स’ समाप्त’कर दें, ‘बिना विलंब’ या प्रत्येक टोल पर दोनों तरफ एक-एक टोल लेन फ्री कर दें,
ताकि जिनके पास पैसे न हो वे भी कहीं जाने-आने की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार से वंचित न रहे एवं ‘सम्मानपूर्वक उन सड़कों पर जो उनकी जमीन, पैसे एवं श्रम से निर्मित है, कहीं आ-जा सके.
बताते चलें कि गाँधी जी ने अनगिनत पत्र एवं ज्ञापन देकर जिम्मेदारों से निवेदन कर चुके हैं किन्तु उनको सदैव अनसुना कर दिया गया है. यही वजह है कि इन्होंने एलान किया है कि
आने वाले गणतंत्र दिवस यानी 26 जनवरी को ‘तेंदुआ टोल प्लाजा’ गोरखपुर पर निजी गाड़ियों पर टोल टैक्स उसी प्रकार तोडूंगा जैसे गांधी ने क्रूर, ‘लुटेरी, फिरंगी, हुकूमत का नमक कानून तोड़ा था.
इन्होंने अनेक अधिकारीयों, सर्वोच्च न्यायालय, मानवा अधिकार आयोग, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, वित्त मंत्री, भूतल परिवहन मंत्री, उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री, सांसद गण, मुख्य सचिव,
डीजीपी उत्तर प्रदेश, आयुक्त, एडीजी पुलिस, जिलाधिकारी, एसएसपी गोरखपुर आदि को भी पत्र भेजकर अवगत करा दिया है. इस क्रम में इन्होंने अपनी और परिवार की कड़ी सुरक्षा की भी माँग रखी है.


