एनएमओपीएस/अटेवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के आवाहन पर पूरे देश में यूपीएस, एनपीएस, निजीकरण स्कूल मर्जर के विरोध में
सभी शिक्षक, कर्मचारियों ने रानी लक्ष्मीबाई पार्क नगर निगम से जिलाधिकारी कार्यालय तक पैदल रोष मार्च किया.
अटेवा गोरखपुर के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार दुबे की अगुवाई में पंचायती राज विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, माध्यमिक शिक्षा विभाग,
राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, लेखपाल संघ, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, PWD नर्सेस, फार्मासिस्ट, ANM संघ,
दिशा छात्र संगठन एवं अन्य समस्त विभागों के कर्मचारी एवं पदाधिकारी नगर निगम रानी लक्ष्मीबाई पार्क में इकट्ठा हुए.
उसके बाद जिलाधिकारी को यूपीएस, एनपीएस, निजीकरण, स्कूल मर्जर के विरोध में ज्ञापन देने का कार्य किया.
इस मौके पर अटेवा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार दूबे, महामंत्री ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि नई पेंशन योजना के कारण कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति के बाद उनकी आर्थिक सुरक्षा खतरे में है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि पुरानी पेंशन योजना को पुनः लागू करना लाखों कर्मचारियों और शिक्षकों के हित में होगा.
वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक सिंह, जिला उपाध्यक्ष राजकुमार ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षक कर्मचारियों के लिए जीवन मरण का प्रश्न है. इसके लिए हम अटेवा के साथ मजबूती से खड़े हैं.
जिला कोषाध्यक्ष विरेन्द्र प्रसाद व अर्जुन गुप्ता ने बताया कि शिक्षक इस देश का निर्माणकर्ता है.
इस समय वह NPS व UPS को लेकर मानसिक पीड़ा के दौर से गुजर रहा है, इसलिए उनके लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था को तत्काल बहाल किया जाना चाहिए.
पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष रमेश कुमार भारती एवम् शिव प्रसाद शर्मा ने कहा कि निजीकरण ने निम्न और मध्य वर्ग का भविष्य चौपट कर दिया है, सरकार इसे तुरंत रोके.
याद कीजिए वह कोरोना का वीभत्स दौर जब कोई अपना भी सेवा नहीं कर पा रहा था. तब यही शिक्षक, डॉक्टर, फार्मासिस्ट,
नर्सेज, व अन्य स्वास्थ्य कर्मी एवम् सफाईकर्मी ही थे जिन्होंने अपने जीवन की परवाह न करते हुए सभी की सेवा किया, उन सभी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन बहाल होनी चाहिए.
ज्ञापन सौंपने के दौरान यादवेन्द्र यादव, मेवा लाल मौर्य, वरुण दुबे, विरेन्द्र प्रसाद, अर्जुन गुप्ता,अजय भास्कर, इश्तियाक अहमद,
रंजना, वंदना सिंह, कल्पना सिंह, ज्योति ठाकुर, सीमा राय, पूनम रानी एवं बड़ी संख्या में शिक्षक, समस्त विभाग के कर्मचारी और अटेवा के पदाधिकारी मौजूद रहे.

