गोरखपुर न्यूज: सो रहा था परिवार… दमकल की गाड़ी आई तब पता चला लगी है आग

गोरखपुर में रात के अंधेरे में गोरखपुर में रात के अंधेरे में

रात के सन्नाटे में मची चीख-पुकार

गोरखपुर शहर के बाहरी इलाके में एक बार फिर आग की भीषण घटना ने लोगों के होश उड़ा दिए। बुधवार की आधी रात करीब 2:30 बजे गोला बाजार थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले में एक मकान में अचानक आग लग गई। परिवार गहरी नींद में था और किसी को पता भी नहीं चला कि घर में आग की लपटें फैल रही हैं। आखिरकार दमकल की गाड़ी की सायरन की तेज आवाज से परिवार जागा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इस हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई और 4 लोग गंभीर रूप से झुलस गए।

घटना का पूरा विवरण

घटना पीड़ित परिवार के घर में हुई, जहां कुल 8 सदस्य रहते थे। मकान का मुख्य हिस्सा लकड़ी और टिन की छत वाला था, जिससे आग बहुत तेजी से फैली। पुलिस और दमकल विभाग के अनुसार, आग की शुरुआत बिजली के तारों में हुए शॉर्ट सर्किट से हुई। रात में बिजली चली गई थी और जब वापस आई तो शॉर्ट सर्किट हो गया।

परिवार के सदस्य गहरी नींद में थे। आग पहले किचन से शुरू हुई और फिर कमरों में फैल गई। सबसे पहले 45 वर्षीय घर के मुखिया और उनकी 12 वर्षीय पोती की मौत धुएं और जलने से हुई। बाकी सदस्यों ने चीख-पुकार मचाई और पड़ोसियों ने मदद की। दमकल की 3 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और लगभग 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

घायलों में 2 बच्चे (8 और 10 साल), एक महिला और एक युवक शामिल हैं, जिन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

राहत कार्य और प्रशासन की प्रतिक्रिया

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग इतनी तेज थी कि घर के अंदर प्रवेश करना मुश्किल हो रहा था। ग्रामीणों और पड़ोसियों ने रस्सी और सीढ़ियों की मदद से कुछ लोगों को बाहर निकाला। एसडीएम और सीओ मौके पर पहुंचे और राहत कार्य की निगरानी की।

जिला प्रशासन ने मृतकों के परिवार को तत्काल 4-4 लाख रुपये और घायलों के इलाज के लिए मुफ्त इलाज की

व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर दुख व्यक्त किया और

पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद का निर्देश दिया।

आग लगने के कारण और रोकथाम की जरूरत

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि ग्रामीण और शहरी बस्तियों में बिजली के पुराने तार,

शॉर्ट सर्किट और अग्निशमन उपकरणों की कमी कितनी खतरनाक हो सकती है।

गोरखपुर में पिछले एक साल में ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर घर में स्मोक डिटेक्टर,

फायर एक्सटिंग्विशर और नियमित बिजली वायरिंग जांच अनिवार्य होनी चाहिए।

निष्कर्ष

गोरखपुर में हुई यह आग की घटना दिल दहला देने वाली है।

परिवार सो रहा था और दमकल की सायरन से जागा,

लेकिन तब तक दो मासूम जिंदगियां और एक परिवार का मुखिया हमेशा के लिए सो गया।

यह घटना हमें याद दिलाती है

कि आग की रोकथाम और सुरक्षा उपाय कितने जरूरी हैं। प्रशासन से अपील है

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