गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा अब विश्वस्तरीय
गोरखपुर का गोरखनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। लाखों श्रद्धालु यहां रोजाना दर्शन के लिए आते हैं, खासकर मकर संक्रांति, कुंभ और अन्य पर्वों पर। सुरक्षा के लिहाज से मंदिर अब पूरी तरह अभेद्य बन चुका है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंदिर परिसर में अत्याधुनिक ड्रोन सर्विलांस, 500 से अधिक हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे, AI आधारित फेस रिकग्निशन और बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। जनवरी 2026 में इन व्यवस्थाओं को और मजबूत किया गया है, ताकि कोई भी संदिग्ध गतिविधि तुरंत पकड़ी जा सके।
ड्रोन और सीसीटीवी से 24×7 निगरानी
मंदिर परिसर और आसपास के 2-3 किमी क्षेत्र में अब ड्रोन सर्विलांस सक्रिय है। ये ड्रोन रात-दिन हवाई निगरानी करते हैं और किसी भी असामान्य भीड़, संदिग्ध वस्तु या गतिविधि को तुरंत कंट्रोल रूम में अलर्ट करते हैं।
- सीसीटीवी कैमरे: 500+ कैमरे पूरे परिसर, प्रवेश द्वार, गलियारों, पार्किंग और आसपास की सड़कों पर लगाए गए हैं। सभी कैमरे 4K रेजोल्यूशन और नाइट विजन से लैस हैं।
- AI फेस रिकग्निशन: संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान के लिए AI सिस्टम लगाया गया है, जो ब्लैक लिस्टेड चेहरों को तुरंत पहचान लेता है।
- कंट्रोल रूम: मंदिर के अंदर एक आधुनिक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां 24×7 पुलिस, CISF और मंदिर प्रशासन की टीम नजर रखती है।
बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था
गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा अब तीन स्तरों पर आधारित है:
- बाहरी घेरा – प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर, हैंडहेल्ड स्कैनर और महिला-पुरुष पुलिसकर्मी।
- मध्य घेरा – परिसर के अंदर QRT (क्विक रिस्पॉन्स टीम), स्नाइपर और एंटी-ड्रोन सिस्टम।
- आंतरिक सुरक्षा – मंदिर के गर्भगृह और मुख्य पूजा स्थल पर विशेष सुरक्षा बल।
इसके अलावा, मंदिर में बम निरोधक दस्ता (BDDS), एनएसजी कमांडो और साइबर सेल की तैनाती भी की गई है।
योगी सरकार की विशेष पहल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, जो खुद गोरखनाथ मंदिर के महंत हैं, ने सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। 2024-25 में मंदिर की सुरक्षा के लिए करीब 50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। योगी सरकार का कहना है कि “गोरखनाथ मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का केंद्र है। इसकी सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है।”
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा
नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं को भी फायदा मिल रहा है:
- तेजी से दर्शन
- भीड़ प्रबंधन बेहतर
- लॉस्ट एंड फाउंड सिस्टम
- आपात स्थिति में तुरंत मदद
गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा अब विश्वस्तरीय स्तर पर पहुंच चुकी है। ड्रोन, सीसीटीवी,
AI और बहुस्तरीय व्यवस्था से हर कोना निगरानी में है। यह व्यवस्था न केवल मंदिर की सुरक्षा सुनिश्चित करती है,
बल्कि लाखों श्रद्धालुओं को निर्भीक भाव से दर्शन करने का अवसर भी देती है।
गोरखनाथ मंदिर अब सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं,
बल्कि सुरक्षित और आधुनिक धार्मिक स्थल का प्रतीक बन चुका है।


