गोरखपुर न्यूज: संघ प्रमुख मोहन भागवत तीन दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर पहुंचेंगे, चार कार्यक्रमों में होंगे शामिल

डॉ. मोहन भागवत डॉ. मोहन भागवत

संघ प्रमुख का गोरखपुर दौरा: तीन दिवसीय प्रवास की शुरुआत

गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की तैयारियां जोरों पर हैं। संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत 14 फरवरी 2026 की शाम को गोरखपुर पहुंचेंगे। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, गोरक्ष प्रांत के प्रचार विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मोहन भागवत तीन दिवसीय प्रवास पर रहेंगे और संगठन के चार महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में शामिल होंगे। यह दौरा संघ की शताब्दी वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा और भविष्य की योजना रचना के लिए विशेष महत्व रखता है।

आगमन और प्रथम पड़ाव

डॉ. मोहन भागवत 14 फरवरी की शाम को फ्लाइट से गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। एयरपोर्ट से वे सीधे राजेंद्रनगर स्थित संघ कार्यालय माधव धाम जाएंगे। माधव धाम संघ का प्रमुख केंद्र है, जहां से वे अपने कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगे। शाम के आगमन के बाद माधव धाम में स्वयंसेवकों और पदाधिकारियों से मुलाकात और संक्षिप्त चर्चा हो सकती है। यह दौरा गोरखपुर के लिए विशेष है क्योंकि यहां से संघ की कई गतिविधियां संचालित होती हैं।

चार प्रमुख कार्यक्रमों में भागीदारी

तीन दिवसीय प्रवास के दौरान डॉ. मोहन भागवत चार मुख्य कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इनमें शामिल हैं:

  • शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा।
  • आगामी योजनाओं और लक्ष्यों पर पदाधिकारियों के साथ गहन चर्चा।
  • गोरक्ष प्रांत के प्रमुख स्वयंसेवकों और प्रचारकों के साथ बैठक।
  • संगठन विस्तार और सामाजिक सेवा पर फोकस सत्र।

ये कार्यक्रम माधव धाम और अन्य संघ स्थलों पर आयोजित किए जाएंगे। संघ प्रमुख शताब्दी वर्ष के लक्ष्यों को लेकर स्वयंसेवकों को प्रेरित करेंगे और संगठन की रणनीति पर दिशा-निर्देश देंगे।

तैयारी और जिम्मेदारी बंटवारा

कार्यक्रम की सफलता के लिए गोरक्ष प्रांत के पदाधिकारियों को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। प्रचार विभाग के अनुसार, स्वागत समिति, व्यवस्था समिति, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन, आवास और भोजन व्यवस्था के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। माधव धाम और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई, सजावट और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। स्वयंसेवकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अनुशासित और संगठित रहें।

शताब्दी वर्ष के संदर्भ में महत्व

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 2025-26 में अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर रहा है। इस शताब्दी वर्ष में देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। गोरखपुर में डॉ. मोहन भागवत का दौरा इस वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा और नई योजनाओं की रूपरेखा तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण है। गोरखपुर संघ का एक मजबूत केंद्र रहा है और यहां से कई प्रचारक देशभर में सेवा कार्यों में लगे हैं।

गोरखपुर में उत्साह का माहौल

संघ प्रमुख के आगमन की खबर से गोरखपुर में उत्साह का माहौल है।

स्थानीय स्वयंसेवक और समर्थक उनके दर्शन और मार्गदर्शन के लिए उत्सुक हैं।

माधव धाम परिसर में विशेष तैयारियां की जा रही हैं। यह दौरा न केवल संगठन के लिए

बल्कि गोरखपुर के सामाजिक और सांस्कृतिक परिदृश्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

संघ की शताब्दी यात्रा में नया अध्याय

डॉ. मोहन भागवत का तीन दिवसीय गोरखपुर प्रवास संघ की शताब्दी वर्ष की गतिविधियों को नई दिशा देगा।

चार कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी से पदाधिकारियों को नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा मिलेगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *