उत्तर प्रदेश के Gorakhpur जिले में ग्रामीण युवाओं के लिए एक बड़ी पहल शुरू की गई है। अब गांवों के छात्र भी शहरों की तरह आधुनिक सुविधाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। शासन की योजना के तहत जिले के 20 ब्लॉकों के 236 गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
इन लाइब्रेरी के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को बेहतर अध्ययन माहौल, आधुनिक संसाधन और ऑनलाइन पढ़ाई की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों की ओर जाने की जरूरत कम हो जाएगी।
प्रत्येक लाइब्रेरी पर खर्च होंगे चार लाख रुपये
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, प्रत्येक डिजिटल लाइब्रेरी के निर्माण और व्यवस्थाओं पर लगभग चार लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इस बजट में भवन की व्यवस्था, फर्नीचर, कंप्यूटर और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल होंगी। लाइब्रेरी में छात्रों के बैठने के लिए टेबल-कुर्सियां, शांत वातावरण और अध्ययन के लिए उपयुक्त व्यवस्था की जाएगी ताकि वे बिना किसी व्यवधान के पढ़ाई कर सकें।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी लाइब्रेरी
इन डिजिटल लाइब्रेरी को पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। यहां छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित किताबें, संदर्भ सामग्री और अध्ययन संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
इसके अलावा छात्रों के लिए कंप्यूटर और हाई-स्पीड वाईफाई की सुविधा भी उपलब्ध होगी। इससे छात्र ऑनलाइन स्टडी मटेरियल, ई-बुक्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर सकेंगे।
डिजिटल संसाधनों की मदद से छात्र देश-विदेश की शैक्षणिक सामग्री तक आसानी से पहुंच बना सकेंगे, जिससे उनकी तैयारी और भी मजबूत हो सकेगी।
सिविल सर्विसेज समेत कई परीक्षाओं की तैयारी
इन लाइब्रेरी का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना है।
यहां छात्र Civil Services Examination समेत अन्य सरकारी नौकरियों से जुड़ी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
इसके अलावा बैंकिंग, एसएससी, रेलवे और राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले
छात्रों को भी इन लाइब्रेरी से काफी लाभ मिलेगा।
ग्रामीण छात्रों को मिलेगा शहर जैसा माहौल
अब तक ग्रामीण क्षेत्रों के कई छात्रों को बेहतर लाइब्रेरी और अध्ययन संसाधनों की कमी के कारण
शहरों में जाकर पढ़ाई करनी पड़ती थी। इससे समय और पैसे दोनों की समस्या होती थी।
डिजिटल लाइब्रेरी बनने के बाद छात्रों को गांव में ही शहरों जैसा अध्ययन माहौल मिलेगा।
इससे उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी और वे बेहतर तरीके से अपनी तैयारी कर सकेंगे।
236 गांवों का किया गया चयन
इस योजना के तहत जिले के 20 ब्लॉकों के 236 गांवों का चयन किया गया है।
इन सभी स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं।
इस संबंध में जिला पंचायत राज अधिकारी Neelesh Pratap Singh ने बताया कि
शासन स्तर पर गांवों का चयन किया गया है और तेजी से काम कराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि लाइब्रेरी बनने के बाद ग्रामीण क्षेत्र के
छात्र गांव में रहकर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम
गोरखपुर में शुरू की गई यह पहल ग्रामीण शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में
एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
इससे ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा और वे भी
बड़े सपनों को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ा सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की योजनाएं लगातार लागू की जाती हैं तो ग्रामीण क्षेत्रों से भी
बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकेंगे


