गोरखपुर जिले के गीडा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली हत्या का मामला सामने आया है। 18 वर्षीय युवक अभिषेक सिंह की हत्या रंजिश की बजाय अवैध संबंधों के शक में की गई। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी को अपनी पत्नी से अभिषेक के बातचीत करने का संदेह था। इसी शक में तीन युवकों ने मिलकर क्रूर हत्या की योजना बनाई। अभिषेक के शरीर पर कुल 35 गंभीर चाकू के वार मिले। दो आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। यह घटना 7 फरवरी 2026 को हुई थी, जिसका पर्दाफाश अब हो रहा है।
घटना का पूरा विवरण
घटना गीडा थाना क्षेत्र के पेवनपुर गांव और नौसड़ चौराहे से जुड़ी है। अभिषेक सिंह (18) पेवनपुर गांव का निवासी था। 7 फरवरी की रात उसे पार्टी के बहाने घर से बुलाया गया। पड़ोस में रहने वाला उसका पुराना दोस्त उसे ले गया। वहां दो अन्य युवकों के साथ मिलकर अभिषेक को पहले शराब पिलाई गई। इसके बाद तीनों ने मिलकर उस पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए। अभिषेक के शरीर पर कुल 35 गंभीर चोटें पाई गईं, जो उसकी मौत का कारण बनीं। वारदात के बाद आरोपियों ने अभिषेक का मोबाइल फोन लेकर मौके से फरार हो गए।
मुख्य आरोपी और उसकी पृष्ठभूमि
पुलिस पूछताछ में हिरासत में लिए गए आरोपियों ने बताया कि मुख्य आरोपी नौसड़ चौराहे पर ठेला लगाता था। उसकी अभिषेक से पुरानी दोस्ती थी। दोनों के बीच घर पर आना-जाना लगा रहता था। मुख्य आरोपी को शक हो गया था कि अभिषेक उसकी पत्नी से बातचीत करता है और फोन पर संपर्क में रहता है। इसी ईर्ष्या और अवैध संबंध के संदेह में उसने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। पार्टी के बहाने अभिषेक को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस जांच और गिरफ्तारी
गीड़ा पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की। शुरुआत में कुछ नामजद युवकों को हिरासत में लिया गया था, लेकिन पूछताछ में उनकी क्लीनचिट मिल गई। अब दो मुख्य आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने बताया कि
मुख्य आरोपी अभी फरार है और उसकी तलाश के लिए विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।
मोबाइल फोन और अन्य सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जल्द ही मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सामाजिक प्रभाव और परिवार की स्थिति
अभिषेक सिंह की मौत से पूरे पेवनपुर गांव में शोक की लहर है। परिवार सदमे में है।
युवक की उम्र मात्र 18 साल थी और वह पढ़ाई के साथ परिवार की मदद करता था।
पड़ोस में रहने वाले दोस्त द्वारा की गई इस क्रूर हत्या ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है।
स्थानीय लोग पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। यह मामला एक बार फिर से
छोटी-छोटी शंकाओं और ईर्ष्या से होने वाली हिंसा की ओर इशारा करता है।
गोरखपुर के इस हत्याकांड ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संदेह और ईर्ष्या कितनी
खतरनाक हो सकती है। अवैध संबंध के शक में 35 चाकू के वार कर
एक युवा की जान ले ली गई। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दो आरोपी हिरासत में हैं
, लेकिन मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। उम्मीद है कि
पुलिस जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करेगी और परिवार को न्याय दिलाएगी।
ऐसे मामलों में समाज को भी जागरूक होने की जरूरत है ताकि छोटी बातें बड़ी त्रासदी न बनें


