गोरखपुर के एम्स (AIIMS Gorakhpur) में एक बार फिर साइबर क्राइम की बड़ी घटना सामने आई है। संस्थान की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर (ED) विभा दत्ता का व्यक्तिगत WhatsApp अकाउंट हैक कर लिया गया। हैकर ने इस नंबर का दुरुपयोग करते हुए एमबीबीएस छात्रों और अन्य संपर्कों से पैसे मांगने शुरू कर दिए। यह घटना 10 जनवरी 2026 को सुबह सामने आई, जिससे एम्स परिसर और छात्रों में हड़कंप मच गया।
क्या हुआ था पूरी घटना?
एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर विभा दत्ता ने खुद इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि उनका WhatsApp नंबर सुबह हैक हो गया था। हैकर ने तुरंत उनके संपर्कों में मौजूद लोगों, खासकर एमबीबीएस छात्रों को मैसेज भेजना शुरू कर दिया। मैसेज में पैसे की मांग की जा रही थी। कुछ मैसेज में आपात स्थिति बताकर तुरंत रुपये ट्रांसफर करने को कहा गया था।
विभा दत्ता ने आगे बताया, “मेरे WhatsApp अकाउंट को सुबह हैक कर लिया गया था। हैकर ने मेरे कुछ संपर्कों से रुपये की डिमांड की। मेरी जानकारी के अनुसार, किसी ने भी अभी तक कोई पैसे ट्रांसफर नहीं किए हैं। लोगों को सतर्क करने के लिए मैंने खुद स्टेटस और ग्रुप में सूचना डाल दी थी कि यह अकाउंट हैक है और कोई भी पेमेंट न करें।”
एम्स प्रशासन और छात्रों की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही एम्स के छात्रों और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। कई छात्रों ने तुरंत अपने दोस्तों और फैमिली ग्रुप में अलर्ट मैसेज शेयर किए। एम्स छात्र संघ ने भी इस मुद्दे को गंभीरता से लिया और छात्रों से अपील की कि किसी भी तरह के संदिग्ध मैसेज पर भरोसा न करें।
एम्स प्रशासन ने भी जल्द ही आधिकारिक नोटिस जारी कर छात्रों और स्टाफ को सावधान किया। साथ ही साइबर सेल को सूचना दी गई है ताकि हैकर की तलाश शुरू हो सके।
साइबर क्राइम में बढ़ती सनसनी
यह पहली बार नहीं है जब गोरखपुर में किसी बड़े अधिकारी या संस्थान का WhatsApp अकाउंट हैक हुआ हो।
पिछले कुछ महीनों में डॉक्टरों, शिक्षकों और सरकारी अधिकारियों के अकाउंट्स हैक होने की कई घटनाएं सामने आई हैं।
हैकर आमतौर पर दो तरीके अपनाते हैं –
- OTP फिशिंग के जरिए अकाउंट पर कब्जा
- मैलवेयर या फेक लिंक के माध्यम से डिवाइस हैक
ऐसे मामलों में सबसे ज्यादा नुकसान उन लोगों को होता है जो तुरंत पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
- किसी भी परिचित के नंबर से अचानक पैसे मांगने वाले मैसेज पर भरोसा न करें।
- तुरंत उस व्यक्ति से फोन या दूसरे माध्यम से पुष्टि करें।
- WhatsApp पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन जरूर ऑन करें।
- संदिग्ध लिंक पर कभी क्लिक न करें।
- हैक होने पर तुरंत WhatsApp सपोर्ट को रिपोर्ट करें और सभी ग्रुप्स में अलर्ट डालें।
निष्कर्ष
एम्स गोरखपुर की ED विभा दत्ता का WhatsApp हैक होना एक गंभीर साइबर सुरक्षा चूक है।
अच्छी बात यह है कि किसी ने पैसे नहीं भेजे और समय रहते अलर्ट कर दिया गया।
यह घटना हमें एक बार फिर याद दिलाती है कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता कितनी जरूरी है।
उम्मीद है कि पुलिस और साइबर क्राइम सेल जल्द हैकर तक पहुंचेगी और ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी।

