गोरखपुर हत्याकांड: अब CM पर ही भरोसा, पत्नी सुशीला देवी का बड़ा आरोप- साजिश रचकर मेरे पति प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान को मार डाला

पत्नी सुशीला देवी ने प्रेस वार्ता में पत्नी सुशीला देवी ने प्रेस वार्ता में

गोरखपुर प्रॉपर्टी डीलर हत्याकांड में नया मोड़ आया है। मृतक राजकुमार चौहान की पत्नी सुशीला देवी ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता कर सनसनीखेज आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 17 मार्च 2026 की सुबह करीब 5 बजे टहलते समय उनके पति की साजिश रचकर हत्या की गई। असल आरोपियों को पुलिस बचा रही है, जबकि निर्दोषों को फंसाया जा रहा है। सुशीला देवी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील की कि वे न्याय दिलाएं, आरोपियों की अवैध संपत्तियों की जांच कराएं और बुलडोजर चलवाएं।

घटना का विवरण: मॉर्निंग वॉक पर गोली-चाकू से हत्या

चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा गांव में रहने वाले प्रॉपर्टी डीलर और पूर्व पार्षद प्रत्याशी राजकुमार चौहान (उम्र लगभग 40-55 वर्ष) रोजाना सुबह टहलने निकलते थे। 17 मार्च की सुबह बदमाशों ने पहले गोली मारी, फिर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गोली के बजाय चाकू से कई वार की पुष्टि हुई। राजकुमार 100 मीटर तक भागे, लेकिन हमलावरों ने पीछा कर मौत सुनिश्चित की। घटना से गांव में आक्रोश फैला, लोगों ने हाईवे जाम किया। पुलिस ने सीसीटीवी और जांच से दो आरोपियों राज चौहान और विपिन यादव को गिरफ्तार किया, लेकिन परिवार संतुष्ट नहीं।

सुशीला देवी के गंभीर आरोप: साजिश और पुलिस मिलीभगत

प्रेस वार्ता में सुशीला देवी ने नामजद आरोपियों पर साफ-साफ इल्जाम लगाया। उन्होंने कहा कि दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान (पार्षद), शेष यादव, लालजी यादव उर्फ गट्टू, धर्मपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडेय, सत्येंद्र उर्फ टिल्लू चौधरी और अभय पांडेय ने मिलकर साजिश रची। ये लोग प्रभावशाली हैं और अवैध मिट्टी खोदाई, डंपर संचालन से जुड़े हैं। सुशीला का आरोप है कि पुलिस ने दीपक गौड़ और शेष यादव के डंपर चालक राज चौहानविपिन यादव को आगे करके केस को मोड़ दिया। असल मास्टरमाइंड बच रहे हैं।

उन्होंने बताया कि होली के दिन दीपक गौड़ ने राज चौहान को घर बुलाया था और शेष यादव ने राजकुमार को धमकी दी थी। पुरानी रंजिश (2023 गोलीकांड) भी हत्या का कारण बनी। सुशीला ने कहा, “जलने वाले हमें जीते जी मार डाल रहे हैं, पूरे परिवार को खत्म करना चाहते हैं।” उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि आरोपियों के घर बुलडोजर चलें, अवैध संपत्ति जब्त हो और न्याय मिले।

पुलिस जांच और राजनीतिक कोण

पुलिस ने शुरुआत में 8-11 नामजदों पर मुकदमा दर्ज किया, कई को हिरासत में लिया।

जांच में 35 कॉल्स, जली हुई कपड़े और पुरानी रंजिश सामने आई।

पुलिस का दावा है कि 2023 के गोलीकांड का बदला लिया गया। लेकिन परिवार पुलिस पर

मिलीभगत का आरोप लगा रहा है। भाजपा नेता होने के कारण

मामला राजनीतिक रंग ले रहा है। क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

परिवार की मांग और समाज पर प्रभाव

सुशीला देवी ने कहा कि अब केवल मुख्यमंत्री पर भरोसा है।

वे न्याय, जांच और कार्रवाई चाहती हैं। यह हत्याकांड गोरखपुर में

सनसनी फैला रहा है। प्रॉपर्टी विवाद, अवैध खनन और स्थानीय दबंगई की वजह से

ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। परिवार को तत्काल सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए।

यह मामला UP में कानून व्यवस्था की सच्चाई उजागर करता है।

मुख्यमंत्री योगी से अपील है कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाएं।

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