उत्सव का पूरा विवरण
गोरखपुर में होली का उत्सव इस बार और भी धूमधाम से मनाया जा रहा है। होलिका दहन उत्सव समिति, पांडेयहाता की ओर से सोमवार अपराह्न तीन बजे भक्त प्रहलाद की भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में गोरक्षपीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। समिति के महामंत्री शिवम पटवा एवं कोषाध्यक्ष राहुल गुप्ता ने बताया कि यह शोभायात्रा भक्त प्रहलाद के जीवन और उनके भगवान विष्णु के प्रति अटूट भक्ति की याद दिलाने वाली होगी।
शोभायात्रा का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ द्वारा भक्त प्रहलाद की आरती उतारकर किया जाएगा। इसके बाद फूलों की वर्षा और अबीर-गुलाल के साथ होली खेली जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में निकलने वाली यह यात्रा पूरे शहर में धार्मिक उत्साह का संचार करेगी। यात्रा के दौरान जगह-जगह पुष्प वर्षा की व्यवस्था रहेगी, जिससे भक्तों और दर्शकों में और अधिक उत्साह बढ़ेगा।
प्रमुख आकर्षण: कानपुर से आने वाली झांकियां
इस बार शोभायात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण कानपुर से आने वाली झांकियां होंगी। इन झांकियों में भक्त प्रहलाद और भगवान विष्णु से जुड़ी विभिन्न धार्मिक घटनाओं की जीवंत प्रस्तुति होगी। प्रहलाद की कथा, नरसिंह अवतार, होलिका दहन और हिरण्यकशिपु वध जैसी प्रसिद्ध घटनाओं को भव्य रूप में दर्शाया जाएगा। ये झांकियां पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और नृत्य के साथ सजी होंगी, जो दर्शकों को आकर्षित करेंगी। समिति ने बताया कि इन झांकियों की तैयारी पूरी हो चुकी है और वे गोरखपुर पहुंचने वाली हैं।
शोभायात्रा पांडेयहाता से शुरू होकर शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरेगी। रास्ते में भक्तों द्वारा स्वागत,
कीर्तन और भजन का आयोजन होगा। यात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। पुलिस,
पीएसी और स्वयंसेवी संगठन तैनात रहेंगे ताकि उत्सव शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न हो सके।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
भक्त प्रहलाद की शोभायात्रा होली के धार्मिक पक्ष को मजबूत करती है।
प्रहलाद की कहानी सत्य, भक्ति और अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। गोरखपुर में
यह उत्सव वर्षों से परंपरा के रूप में चला आ रहा है और हर साल हजारों श्रद्धालु इसमें भाग लेते हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने से इस बार उत्सव में विशेष महत्व जुड़ गया है।
उनकी उपस्थिति से भक्तों में उत्साह दोगुना हो गया है।
समिति ने सभी गोरखपुरवासियों और आसपास के जिलों से आने वाले
श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस शोभायात्रा में शामिल हों और
होली के पावन अवसर पर भक्ति भाव से भाग लें। यह यात्रा न केवल धार्मिक है,
बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक धरोहर को भी मजबूत करती है।
होली के इस उत्सव में रंगों के साथ-साथ प्रेम, भक्ति और सद्भावना का संदेश भी फैलेगा।
गोरखपुर में होली का यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक पहचान को और उजागर करेगा।
सभी भक्तों को शुभकामनाएं कि यह शोभायात्रा सफल और यादगार बने।


