गोरखपुर: आने वाली तारीख 25 नवंबर को अयोध्या धाम में श्री राम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण का कार्यक्रम संपन्न होगा
जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत,
उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति रहने वाली है.
इस कार्यक्रम में लगभग 10,000 अतिथियों की मौजूदगी रहने वाली है जिसमें गोरक्ष प्रांत से लगभग 700 अतिथियों को आमंत्रित किया गया है.
सबसे खास बात यह है कि आयोजित समारोह में गोरक्ष प्रांत के 10 प्रशासनिक जिलों गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज, बस्ती,
सिद्धार्थनगर, संतकबीर नगर, आजमगढ़, बलिया व मऊ के वंचित समाज के लोगों को शामिल होने का अवसर मिल रहा है.
आमंत्रित अतिथियों को आयोजन स्थल तक पहुंचाने की व्यवस्था भी स्थानीय स्तर पर की गई है.
इन्हें 24 नवंबर को अयोध्या पहुंचना है और 25 नवंबर को समारोह में शामिल होने के बाद 26 नवंबर को अपने घर लौटेंगे.
इस कार्यक्रम में आमंत्रण हेतु वंचित समाज के लोगों को प्राथमिकता दी गई है जिनके पूर्वजों ने श्रीराम के वनवासी जीवन में किसी न किसी रूप में उनका साथ दिया था.
इनमें मुसहर, खटिक, बंजारा, नट, कुम्हार, निषाद, लोहार आदि के वंचित लोगों सम्मिलित हैं. इस बात का भी ध्यान दिया गया है कि चयनित लोग ऐसे हों,
जिनका अपने समाज पर प्रभाव हो या वह अपने समाज का नेतृत्व करते हों. आज आमंत्रित व्यक्तियों को निमंत्रण पत्र देने के लिए
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत संगठन मंत्री राजेश जी, धर्म जागरण के प्रांत प्रमुख तारकेश्वर शाही, विश्व हिंदू परिषद प्रांत सह मंत्री सगुण श्रीवास्तव,
प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख दुर्गेश त्रिपाठी, महानगर संगठन मंत्री सोमेश, जिला संयोजक रंजीत कशौधन आदि ने वितरित किया.
ध्वजारोहण समिति गोरखपुर के प्रभारी तारकेश्वर शाही ने बताया कि सभी अतिथियों को सम्मान के साथ समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या ले जाया जाएगा,
उसी सम्मान से उनके निवास वाले जिले में वापस भी लाया जाएगा. आमंत्रित लोगों के रहने से लेकर भोजन तक का इंतजाम श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र की ओर से किया गया है.
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत प्रचार प्रसार प्रमुख दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में अति विशिष्ट अतिथियों की बड़ी संख्या में
उपस्थिति की वजह से बहुत से लोगों को शामिल होने का अवसर प्राप्त नहीं हो सका था. श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यास ने इस बार ऐसे लोगों को शामिल होने के लिए अवसर देने का निर्णय लिया है.
इसी क्रम में आज अतिथियों को आमंत्रण पत्र दिया जाना प्रारंभ किया गया है. उक्त लोग ध्वजारोहण कार्यक्रम में बतौर अतिथि सम्मिलित होंगे.
सभी अतिथियों को कार्यक्रम स्थल तक ले जाने, वहां भोजन, जलपान, आवास आदि सभी की व्यवस्था में विश्व हिंदू परिषद के साथ सभी विचार परिवार के कार्यकर्ता ध्वजारोहण समिति के अंतर्गत लगे हैं.


