उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक बड़ी आग की घटना ने प्रशासन और स्थानीय लोगों में हड़कंप मचा दिया है। वाणिज्यकर विभाग (कमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट) के कार्यालय भवन में शुक्रवार की देर रात करीब 1 बजे भीषण आग लग गई। आग की लपटों ने भवन के दूसरे तल को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया, जहां रखे महत्वपूर्ण दस्तावेज, कंप्यूटर, फाइलें, फर्नीचर और अन्य सामान जलकर राख हो गए। यह घटना 9 जनवरी 2026 की रात की है, जिससे सरकारी कार्यों पर बड़ा असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
आग कैसे लगी और क्या हुआ?
स्थानीय लोगों की सूचना पर तुरंत फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। अग्निशमन विभाग की टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग इतनी तेज थी कि दूसरे तल पर रखे लगभग सभी महत्वपूर्ण कागजात और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए। प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट को मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन आधिकारिक जांच अभी जारी है।
भवन के ठीक बगल में एक पेट्रोल पंप स्थित है, जिसके कारण आग फैलने की स्थिति में बड़ा हादसा हो सकता था। पेट्रोल पंप के कर्मचारी भी डर के मारे खुद को सुरक्षित स्थान पर ले गए। स्थानीय निवासियों का कहना है कि भवन के निचले तल पर कई दुकानें हैं। अगर आग नीचे तक पहुंच जाती तो नुकसान कई गुना बढ़ सकता था। अच्छी बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई और सभी कर्मचारी व सुरक्षाकर्मी समय पर सुरक्षित बाहर निकल आए।
नुकसान का आकलन और विभागीय प्रभाव
आग से मुख्य रूप से दूसरा तल प्रभावित हुआ, जहां वाणिज्यकर विभाग के महत्वपूर्ण रिकॉर्ड, जीएसटी/वैट संबंधित फाइलें, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस रखे थे। इनके जलने से विभागीय कामकाज प्रभावित होने की संभावना है। कई व्यापारियों के पुराने रिकॉर्ड और कर संबंधी दस्तावेज भी प्रभावित हो सकते हैं। प्रशासन ने नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है और बैकअप डेटा से रिकवरी की कोशिश की जा रही है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच
घटना की सूचना मिलते ही गोरखपुर के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे।
फायर ब्रिगेड और पुलिस ने संयुक्त रूप से आग बुझाने का अभियान चलाया। विभागीय अधिकारियों ने कहा है कि
जल्द ही आग लगने के सटीक कारण की जांच पूरी की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं को
रोकने के लिए भवन में फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच और अपग्रेडेशन पर जोर दिया जाएगा।
यह घटना गोरखपुर में सरकारी भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर रही है।
पिछले कुछ वर्षों में शहर में कई जगह आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं,
लेकिन सरकारी कार्यालय में इतना बड़ा नुकसान पहली बार हुआ है।
सलाह और सावधानियां
- सरकारी और निजी भवनों में नियमित रूप से इलेक्ट्रिकल वायरिंग की जांच कराएं।
- फायर एक्सटिंग्विशर और स्मोक डिटेक्टर जरूर लगवाएं।
- आग लगने पर तुरंत 101 (फायर ब्रिगेड) पर कॉल करें और सुरक्षित स्थान पर जाएं।
यह दर्दनाक घटना हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा उपायों में कोई ढिलाई नहीं बरतनी चाहिए।
उम्मीद है कि जांच से जल्द सच्चाई सामने आएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।


