गोरखपुर: भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की जयंती के अवसर पर आयोजित कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत एम.ए. एकेडमी, तुर्कमानपुर, गोरखपुर
के छात्र-छात्राओं द्वारा लगाए गए प्रोजेक्ट स्टालों का निरीक्षण मुख्य अतिथि गोरखपुर शहर के वरिष्ठ आयुर्वेदिक चिकित्सक एवं मुक्बधिर विद्यालय के प्रबंधक डॉ अमृतलाल सक्सेना सहित अन्य अतिथियों द्वारा किया गया.
सभी बच्चों द्वारा लगाए गए प्रोजेक्ट में वाटर एटीएम, एटीएम मशीन, रेलवे स्टेशन, मल्टीप्लेक्स सिनेमा हॉल एवं शॉपिंग मॉल, तरह-तरह की मिसाइलें, फरमाने रसूल, वाटरफॉल आदि आकर्षण का केंद्र था.
शुरुआत में सबसे पहले अमायरा आक़िब तिलावत ए कुरान पाक से इस कार्यक्रम का आगाज़ किया. इस अवसर पर राष्ट्रीय स्तर का खिताब अपने नाम करने वाले बाल वैज्ञानिक तैयब अख्तर युसूफ जई को संस्था की जानिब से उनकी हौसला अफ़ज़ाई के लिए सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम के अंत में आबादी से दूर मुक्तिधाम पर रॉकेट का सफल परीक्षण छात्र व छात्राओं, शिक्षकों एवं सभी अतिथियों की उपस्थिति में किया गया.
इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि आज इस विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए प्रोजेक्ट भारत सरकार के कौशल विकास नीति के सच्चे वाहक हैं.
वह दिन दूर नहीं कि इस प्रकार के प्रयासों के परिणाम स्वरुप भारत विकसित राष्ट्र होगा. इस विद्यालय के छात्राओं ने मिसाइल का प्रोजेक्ट बनाकर मिसाइल मैन भारत रत्न डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित किया है.
संपूर्ण कार्यक्रम की सराहना करते हुए कार्यक्रम अध्यक्ष डॉ एहसान अहमद सदस्य माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश, पाठ्यक्रम समिति ने कहा कि
“प्रतिभाओं को निखारने के लिए समय, संसाधन और अवसर की आवश्यकता होती है जो इस विद्यालय के शिक्षक शिक्षिकाओं द्वारा छात्र-छात्राओं को सहायता और सरलता के साथ उपलब्ध कराया जा रहा है.”
डॉक्टर एहसान ने कहा कि एकेडमी के निदेशक डॉ. मोहम्मद आक़िब अंसारी एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा छात्र-छात्राओं की प्रतिभा को निखारना ही इनकी गुरु दक्षिणा है.
विशेष आमंत्रित अतिथि डॉ. इकबाल फाउंडेशन के अध्यक्ष एडवोकेट मोहम्मद राफे ने बताया कि कलाम साहब का पूरा जीवन संघर्षों से भरा था, निश्चित लक्षयों से सफलता अवश्य मिलती है.
विद्यालय के खेल शिक्षक मोहम्मद इरफान एवं वरिष्ठ शिक्षक नसीम अशरफ फारूकी ने भी बच्चों को संबोधित किया.
विशेष आमंत्रित अतिथि गोरखपुर शहर के अंतरराष्ट्रीय युवा शायर वसीम मजहर गोरखपुरी ने शायराना अंदाज में माँ की खूबसूरती को बयान किया.
ख्वाब में आकर मुझको खिलाए लड्डू मोतीचूर के…
मेरी अम्मा लोरी सुनाए चंदा मामा दूर के……
समारोह का सफल संचालन करते हुए एम. ए. एकेडमी के निदेशक डॉ. मोहम्मद आक़िब अन्सारी ने बताया कि “डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम का संपूर्ण जीवन अर्थात जन्म से जयंती तक संघर्षों से भरा हुआ है.
इस संघर्ष से जूझने की शक्ति ने ही एपीजे सर को साधारण बालक से भारत रत्न मिसाइल मैन बनाते हुए राष्ट्रपति पद तक पहुंचाया. इसलिए संघर्ष से भागना नहीं बल्कि इसका मुकाबला करना चाहिए.
विद्यालय की प्रधानाचार्या सीमा परवीन व उप प्रधानाचार्या निदा फात्मा ने अपने आने वाले सभी मेहमानों का शुक्रिया अदा किया. इस अवसर पर वाटरमैन हाजी जलालुद्दीन कादरी, युवा स्कॉलर डॉक्टर मुनाजिर हसन, मोती महल के प्रोपराइटर मकसूद अली,
वरिष्ठ पत्रकार सिराज अहमद कुरैशी, सद्दाम खान, पत्रकार मोहम्मद फिरोज आदि लोगों के साथ-साथ विद्यालय की सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं के साथ-साथ सभी बच्चे उपस्थित थे.

