गोरखपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) में MBBS छात्रों के लिए अच्छी खबर है। बार-बार फेल होने के बाद 6 छात्रों ने परीक्षा पास कर ली है। हालांकि, एक छात्रा को अभी इंतजार करना पड़ रहा है। यह सफलता छात्रों की मेहनत और संस्थान के सपोर्ट का नतीजा है। AIIMS गोरखपुर में MBBS कोर्स कठिन है और कई छात्रों को चुनौतियां आती हैं। लेकिन इन छात्रों ने हार नहीं मानी और लगातार प्रयास से सफलता हासिल की।
ये छात्र पहले सेमेस्टर या कुछ सब्जेक्ट्स में फेल हो रहे थे। संस्थान ने उन्हें अतिरिक्त कोचिंग, मेंटरिंग और री-एग्जाम का मौका दिया। छात्रों ने दिन-रात पढ़ाई की और आखिरकार पास हो गए। यह जीत उनके लिए बड़ी राहत है और अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा। एक छात्र ने कहा कि फेल होना दुखद था, लेकिन सपोर्ट से हिम्मत मिली।
हालांकि, एक छात्रा को अभी एक सब्जेक्ट में पास होना बाकी है। वह अगले एग्जाम की तैयारी कर रही है। छात्रा ने कहा कि वह जल्द पास कर लेगी। संस्थान ने सभी छात्रों को सपोर्ट का भरोसा दिया है।
AIIMS गोरखपुर में MBBS बैच की यह सफलता संस्थान की छवि मजबूत कर रही है। यहां मेडिकल शिक्षा उच्च स्तर की है और छात्रों को बेस्ट फैकल्टी मिलती है। लेकिन कठिन सिलेबस से कुछ छात्र पिछड़ जाते हैं। संस्थान की री-एग्जाम और मेंटरिंग पॉलिसी ने मदद की है।
यह घटना मेडिकल छात्रों के लिए प्रेरणा है कि मेहनत से कोई भी बाधा पार की जा सकती है। फेल होना अंत नहीं, बल्कि नई शुरुआत है। छात्रों ने परिवार और शिक्षकों का शुक्रिया अदा किया।
AIIMS प्रशासन ने छात्रों को बधाई दी और कहा कि सभी को पास कराने का प्रयास जारी है। यह सफलता संस्थान की छात्र केंद्रित पॉलिसी दिखाती है।
छात्रों का सफर: मेहनत की जीत
छात्रों ने:
- बार-बार फेल।
- अतिरिक्त पढ़ाई।
- मेंटरिंग।
- री-एग्जाम।
- मेहनत।
- सफलता।
- प्रेरणा।
मेहनत रंग लाई।
एक छात्रा का इंतजार: जल्द पास
छात्रा ने:
- अभी इंतजार।
- तैयारी जारी।
- हिम्मत।
- सपोर्ट।
- अगला एग्जाम।
- सफलता उम्मीद।
- प्रेरणा।
जल्द सफल होगी।
संस्थान सपोर्ट: छात्र केंद्रित
AIIMS ने:
- री-एग्जाम।
- कोचिंग।
- मेंटरिंग।
- सपोर्ट।
- बधाई।
- पॉलिसी।
- शिक्षा मजबूत।
सपोर्ट सराहनीय।
निष्कर्ष: मेहनत से सफलता
गोरखपुर एम्स में 6 छात्र पास, एक को इंतजार। बार-बार फेल के बाद जीत। मेहनत की मिसाल। छात्र मजबूत हों

