गोरखपुर में होली की रात एक भीषण सड़क हादसे ने पूरे शहर को सदमे में डाल दिया। शाहपुर थाना क्षेत्र के मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर तेज रफ्तार काली टोयोटा फॉर्च्यूनर ने रॉन्ग साइड से आकर कई दोपहिया वाहनों को टक्कर मार दी। इस हादसे में BRD मेडिकल कॉलेज के थर्ड ईयर MBBS छात्र आकाश पांडेय (22 वर्ष) की मौके पर ही मौत हो गई। आकाश संत कबीर नगर के रहने वाले थे और होली मनाने दोस्तों के साथ गए थे, रात करीब 9-10 बजे हॉस्टल लौट रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि आकाश उछलकर ओवरब्रिज की रेलिंग में फंस गए और आधे घंटे तक लटके रहे। तीन अन्य लोग घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई।
आरोपी गोल्डेन साहनी: ट्रैफिक नियम तोड़ने का पुराना रिकॉर्ड
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से फॉर्च्यूनर (UP 32 LR 0013) का नंबर ट्रेस कर चालक गोल्डेन साहनी को एक घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। वाहन जब्त कर लिया गया है। गोल्डेन साहनी प्रॉपर्टी डीलर है और गीडा थाना क्षेत्र का निवासी है। जांच में पता चला कि वह ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने का आदी है। पिछले एक साल में उसकी फॉर्च्यूनर पर कुल 26 चालान कट चुके हैं, जिसमें 19 बार ओवरस्पीडिंग, दो बार डेंजर ड्राइविंग और बाकी नो पार्किंग व अन्य उल्लंघनों के हैं। ये चालान सिर्फ गोरखपुर में नहीं, बल्कि लखनऊ, बाराबंकी, एक्सप्रेसवे और दिल्ली तक के हैं।
गोल्डेन खुद को निषाद पार्टी से जुड़ा बताता था और भावी ब्लॉक प्रमुख (पिपरौली) का दावा करता था। वह कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को ‘फूफा’ कहता था। सोशल मीडिया पर उसकी कई सेल्फी और रील्स वायरल हैं, जिसमें वह मंत्री के साथ दिखता है। एक फोटो में उसने कैप्शन लगाया था “कैबिनेट मंत्री (अंकल)”। मंत्री ने भी एक बार उसकी सेल्फी शेयर की थी, जो अब चर्चा में है।
पुलिस कार्रवाई और केस
एसपी सिटी अभिनव त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या (culpable homicide not amounting to murder) का केस दर्ज किया गया है। नशे में ड्राइविंग की आशंका है, मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार है।
कोर्ट ने आरोपी को 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया। हादसे में
एक अन्य व्यक्ति उमेश शर्मा (50) की भी बाद में मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या दो हो गई।
समाज में आक्रोश और सवाल
यह हादसा रोड सेफ्टी, VIP संस्कृति और ट्रैफिक नियमों की अनदेखी पर सवाल उठा रहा है।
MBBS छात्र की मौत से मेडिकल कम्युनिटी और छात्रों में रोष है। लोग पूछ रहे हैं कि
इतने चालान होने के बावजूद आरोपी कैसे बेखौफ घूम रहा था? काले गाड़ियों का काफिला चलाने और दबंगई दिखाने की रिपोर्ट्स भी सामने आई हैं।
ट्रैफिक पुलिस को सख्ती बरतने और बार-बार उल्लंघन करने वालों पर भारी जुर्माना लगाने की जरूरत है।
परिवार न्याय की मांग कर रहा है। स्थिति पर नजर रखी जा रही है,
अपडेट के लिए आधिकारिक पुलिस और समाचार स्रोत चेक करें।


