स्मार्ट मीटर गोरखपुर, उत्तर प्रदेश: पूर्वांचल के प्रमुख शहर गोरखपुर में बिजली विभाग (UPPCL/PuVVNL) द्वारा स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। शहर के 56 हजार से ज्यादा परिसरों में पहले से ही स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जा चुके हैं, और अब पुराने मीटरों को बदलकर नए स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह बदलाव राष्ट्रीय स्मार्ट ग्रिड मिशन और Revamped Distribution Sector Scheme (RDSS) के तहत हो रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य बिजली की चोरी रोकना, पारदर्शी बिलिंग सुनिश्चित करना और तकनीकी/व्यावसायिक नुकसान (AT&C losses) को कम करना है।
बिजली विभाग ने बताई मुख्य वजहें
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 56 हजार स्मार्ट मीटर पहले से लगे होने के बावजूद, अब बड़े पैमाने पर पुराने पारंपरिक मीटरों को बदलने का अभियान चलाया जा रहा है। वजहें इस प्रकार हैं:
- बिजली चोरी पर रोक: स्मार्ट मीटर tamper-proof होते हैं और वास्तविक लोड/खपत को सटीक तरीके से रिकॉर्ड करते हैं। पुराने मीटरों में लोड छुपाने की शिकायतें आम थीं, जिससे विभाग को भारी नुकसान होता था।
- प्रीपेड मोड में कन्वर्जन: नए कनेक्शन केवल प्रीपेड स्मार्ट मीटर से ही दिए जा रहे हैं। पुराने पोस्टपेड स्मार्ट मीटरों को भी धीरे-धीरे प्रीपेड में बदलने की योजना है, ताकि उपभोक्ता पहले रिचार्ज करें, फिर बिजली इस्तेमाल करें। इससे बकाया बिल की समस्या खत्म हो रही है।
- बेहतर मॉनिटरिंग और पारदर्शिता: स्मार्ट मीटर से रीडिंग ऑटोमैटिक अपडेट होती है,
- उपभोक्ता मोबाइल ऐप से खपत ट्रैक कर सकते हैं। पुराने मीटरों की तुलना में यह ज्यादा विश्वसनीय है।
- राष्ट्रीय लक्ष्य: उत्तर प्रदेश देश में स्मार्ट मीटर इंस्टॉलेशन में अग्रणी है।
- गोरखपुर जैसे शहरों में यह काम तेज करने से राज्य स्तर पर लाखों मीटर बदलने का टारगेट पूरा होगा।
शहर में कुल एक लाख से ज्यादा परिसरों में स्मार्ट मीटर लग चुके हैं (पुराने + नए मिलाकर)।
ग्रामीण इलाकों में उपभोक्ता ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं, क्योंकि यहां मीटर तेज चलने की शिकायतें कम हो रही हैं।
उपभोक्ताओं के लिए फायदे
- घर बैठे बिल देखना और भुगतान करना आसान।
- समय पर भुगतान पर कोई डिस्कनेक्शन नहीं।
- खपत पर पूरा नियंत्रण, बिजली बचत की संभावना।
- नया कनेक्शन लेते समय अनिवार्य प्रीपेड स्मार्ट मीटर से तेज कनेक्शन मिलना।
कुछ चुनौतियां भी हैं
कुछ उपभोक्ताओं ने शुरुआत में रीडिंग में अंतर या तकनीकी दिक्कतों की शिकायत की है,
लेकिन विभाग जांच कर रहा है और दोषपूर्ण मीटर तुरंत बदल रहा है। पुराने मीटर हटाने के बाद
नए बॉक्स और फिक्सिंग का काम भी चल रहा है।
बिजली विभाग का कहना है कि यह बदलाव उपभोक्ताओं के हित में है
और जल्द ही पूरी प्रक्रिया सुचारू हो जाएगी।
अगर आपके इलाके में मीटर बदलाव का काम चल रहा है,
तो विभाग की टीम से संपर्क करें या UPPCL पोर्टल पर अपडेट चेक करें।

