ईद-उल-फितर 2026: लखनऊ में ऐशबाग ईदगाह पर अदा हुई नमाज, खुशी और भाईचारे का माहौल

ईद-उल-फितर ईद-उल-फितर

ईद-उल-फितर 2026 आज शनिवार, 21 मार्च को मनाई जा रही है। लखनऊ में चांद दिखने की पुष्टि के बाद रमजान का 30वां रोजा पूरा हुआ और आज शहर भर में ईद-उल-फितर का उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। ऐशबाग ईदगाह में हजारों मुसलमानों ने सुबह नमाज अदा की, जहां मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने इमामत की। नमाज के बाद सामूहिक दुआ में मुल्क में अमन-चैन, तरक्की और भाईचारे की दुआ मांगी गई। लोग एक-दूसरे से गले मिलकर ईद मुबारक कह रहे हैं।

लखनऊ में ईद-उल-फितर 2026 की खासियत

लखनऊ, नवाबों का शहर होने के नाते ईद के मौके पर हमेशा खास रौनक बिखेरता है। इस साल शुक्रवार को चांद दिखने की खबर से रमजान 30 दिनों का पूरा हुआ। मार्कजी चांद कमेटी, लखनऊ ने पुष्टि की कि शनिवार को ईद-उल-फितर मनाई जाएगी। ऐशबाग ईदगाह में सुबह 10 बजे नमाज शुरू हुई और 10:15 बजे दुआ के साथ समाप्त हुई। यहां न सिर्फ स्थानीय लोग बल्कि आसपास के जिलों से भी भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

शहर के बाजारों में सुबह से ही रौनक छाई रही। लोग नए कपड़े पहनकर, मिठाइयां और सेवईयां खरीदने निकले। पुराने लखनऊ के इलाकों जैसे चौक, अमीनाबाद और हुसैनगंज में खरीदारी का जोर रहा। प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया ताकि नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा हो सके। पुलिस और पीएसी की टीमें तैनात रहीं, और लोगों से अपील की गई कि सड़कों पर नमाज न पढ़ें और नियमों का पालन करें।

ऐशबाग ईदगाह: ईद का मुख्य केंद्र

ऐशबाग ईदगाह लखनऊ की सबसे प्रसिद्ध जगह है जहां हर साल ईद की नमाज अदा होती है। मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली की इमामत में आज नमाज अदा की गई। खुत्बे में रमजान की अहमियत, रोजों के फायदे और ईद के संदेश पर जोर दिया गया। दुआ में देश-दुनिया में शांति, भाईचारा और खुशहाली की कामना की गई। नमाज के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाकर मुबारकबाद देते नजर आए। बच्चे नए कपड़ों में खुशियां मनाते दिखे, जबकि बुजुर्गों ने दुआएं मांगीं।

ईद-उल-फितर का महत्व और परंपरा

ईद-उल-फितर रमजान के पवित्र महीने के अंत का जश्न है।

यह अल्लाह की इबादत, रोजे रखने और गरीबों की मदद का प्रतीक है।

लोग जकात देते हैं, सदा-कुर्बानी करते हैं और परिवार-रिश्तेदारों के साथ मिलकर खुशियां मनाते हैं।

लखनऊ में यह त्योहार नवाबी अंदाज में मनाया जाता है –

लखनवी चिकन, बिरयानी, शीर खुरमा और सेवईयां मुख्य व्यंजन होते हैं।

इस साल पूरे जिले में खुशी का माहौल है। सभी मस्जिदों में नमाज की तैयारियां पूरी थीं।

शहरवासियों ने कहा कि ईद भाईचारे और एकता का प्रतीक है।

प्रशासन की तरफ से ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की जा रही है।

ईद-उल-फितर 2026 लखनऊ में यादगार बन रही है। यह त्योहार न सिर्फ मुसलमानों के लिए बल्कि

पूरे समाज के लिए अमन और खुशी का संदेश लाता है। ईद मुबारक!

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