रामनवमी पर अयोध्या पहुंचे दिग्विजय सिंह
रामनवमी के पावन अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता Digvijaya Singh अयोध्या पहुंचे। इस खास मौके पर उन्होंने रामनगरी में पहुंचकर भगवान राम के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। उनके आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
रामलला के किए दर्शन-पूजन
अयोध्या पहुंचने के बाद दिग्विजय सिंह ने Ram Janmabhoomi में विराजमान रामलला के दर्शन-पूजन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देशवासियों की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थना की।
हनुमानगढ़ी में भी टेका माथा
रामलला के दर्शन के बाद उन्होंने Hanumangarhi Temple में भी जाकर भगवान हनुमान के दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में भारी श्रद्धालु उमड़े हुए थे, जिसके बीच उनका यह दौरा खास रहा।
एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत
Maharishi Valmiki International Airport पर मीडिया से बातचीत करते हुए दिग्विजय सिंह ने कहा कि रामनवमी के दिन अयोध्या आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि यह एक धार्मिक यात्रा है और वे यहां केवल पूजा-अर्चना के लिए आए हैं।
मंदिर विरोध के आरोपों को किया खारिज
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर को लेकर लगाए जाने वाले विरोध के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने मंदिर निर्माण के लिए 1,11,000 रुपये का सहयोग भी दिया है। इस बयान के जरिए उन्होंने अपनी आस्था और समर्थन को स्पष्ट किया।
राजनीतिक सवालों से बनाई दूरी
मीडिया द्वारा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों जैसे United States-Iran तनाव और पेट्रोल-डीजल की स्थिति पर
सवाल पूछे जाने पर उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि
वे इस समय केवल धार्मिक यात्रा पर हैं और राजनीति से जुड़े किसी भी विषय पर बात नहीं करेंगे।
धार्मिक माहौल में सादगी भरा संदेश
दिग्विजय सिंह का यह दौरा पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक रहा।
उन्होंने किसी भी राजनीतिक बयानबाजी से दूरी बनाकर केवल पूजा-अर्चना और श्रद्धा पर ध्यान केंद्रित किया।
रामनवमी का विशेष महत्व
Ram Navami के अवसर पर अयोध्या में हर साल लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं।
यह दिन भगवान राम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है,
इसलिए इस दिन यहां आना बेहद शुभ माना जाता है।
अयोध्या में दिग्विजय सिंह का यह दौरा धार्मिक आस्था और व्यक्तिगत श्रद्धा का प्रतीक रहा।
उन्होंने रामलला के दर्शन कर देशवासियों के लिए मंगलकामना की और यह संदेश दिया कि
आस्था के मामलों में राजनीति से ऊपर उठकर सोचने की जरूरत है।


