गोरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय, गोरखपुर का प्रांगण बुधवार को रंगों और तूलिकाओं की अद्भुत छटा से सराबोर हो उठा.
मौका था उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा ललित कला विभाग, गोरखपुर के सहयोग से
सेवा पर्व के अंतर्गत आयोजित एक दिवसीय चित्रकला प्रतियोगिता जिसमें 500 से अधिक प्रतिभागियों ने अपनी सृजनात्मकता का परिचय दिया.
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन, कुलपति, डी. डी. यू. विश्वविद्यालय, गोरखपुर;
विशिष्ट अतिथि प्रो. राजवंत राव, डीन, संकाय, डी. डी. यू. विश्वविद्यालय, गोरखपुर एवं विशिष्ट अतिथि प्रो. उषा सिंह,
अध्यक्ष, ललित कला एवं संगीत विभाग, डी. डी. यू. विश्वविद्यालय और डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव मेयर गोरखपुर ने दीप प्रज्वलित कर किया.
प्रतियोगिता में स्कूल, कॉलेज और प्रोफेशनल कलाकारों ने अपनी सृजनशीलता को विविध विषयों पर अभिव्यक्त किया.

डिजिटल क्रांति, यूपीआई, आधार, चंद्रयान-3, आदित्य-एल1, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे प्रतीकात्मक विषय उनके कैनवास पर नए भारत की कहानी कहते नज़र आए.
तूलिकाओं से सजी इन कृतियों में न केवल कल्पनाशीलता झलकी बल्कि प्रगतिशील भारत की जीवंत तस्वीर भी उभरकर सामने आई.
रंगों और आकृतियों में ढली यह कलात्मक अभिव्यक्ति दर्शकों के लिए प्रेरणा और भविष्य की संभावनाओं का संदेश बन गई.
इस अवसर पर देवेंद्र त्रिपाठी, सचिव, ललित कला अकादमी, लखनऊ, रवि शंकर खरे, अध्यक्ष दर्पण संस्था,
मनोज कुमार, अंबरीश द्विवेदी, लल्लन प्रसाद (एनसीजेडसीसी, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार) रीना जायसवाल सहित बड़ी संख्या में कला-प्रेमी उपस्थित रहे.

