बहराइच में छीन ली गईं तीन मासूम जिंदगियां
उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में एक बेहद संवेदनशील और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। एक तालाब से मां और उनकी दो छोटी बेटियों की लाशें बरामद हुई हैं। मृतक महिला की उम्र लगभग 28-30 वर्ष बताई जा रही है, जबकि दोनों बेटियां 4 और 6 साल की थीं। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है और लोग इसे ‘ट्रिपल मर्डर’ के रूप में देख रहे हैं।
मृतक महिला के मायके वालों ने सीधा आरोप लगाया है कि ससुराल पक्ष ने बेटा न होने के कारण उन्हें मार डाला और शव तालाब में फेंक दिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, लेकिन ससुराल पक्ष के अधिकांश सदस्य फरार बताए जा रहे हैं।
घटना का विवरण: तालाब में मिलीं तीन लाशें
घटना बहराइच जिले के नानपारा थाना क्षेत्र के एक गांव की है। सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने तालाब में तीन शव तैरते देखे तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शवों को बाहर निकाला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, लेकिन प्रारंभिक जांच में गला दबाकर हत्या का संदेह जताया जा रहा है।
मृतक महिला की शिनाख्त रुखसाना के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बहराइच के ही एक गांव की रहने वाली थीं और लगभग 8 साल पहले ससुराल में ब्याही गई थीं। दोनों बेटियां उनके साथ ही थीं।
मायके वालों का गंभीर आरोप
रुखसाना के पिता और भाइयों ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि ससुराल पक्ष लगातार बेटा होने की मांग कर रहा था। जब दो बेटियां हुईं तो घर में तनाव बढ़ गया। पिता ने रोते हुए कहा:
“बेटा न होने पर उन्होंने मेरी बेटी और पोतियों को मार डाला। यह हत्या है, न कि सुसाइड। ससुराल वाले अब फरार हो गए हैं।”
मायके पक्ष का कहना है कि रुखसाना ने कई बार फोन पर शिकायत की थी कि ससुराल में उन्हें और बेटियों को प्रताड़ित किया जाता है।
पुलिस जांच और कार्रवाई
नानपारा पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। एसपी बहराइच ने बताया कि:
- फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंच चुकी है
- शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है
- ससुराल पक्ष के 5-6 सदस्यों की तलाश जारी
- पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं
पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या महिला ने खुद बच्चों के साथ सुसाइड किया या
फिर यह सुनियोजित हत्या है।
समाज में बढ़ती चिंता: बेटी होना अब भी अभिशाप?
यह घटना उत्तर प्रदेश में बेटी होने को लेकर जारी सामाजिक पूर्वाग्रह को एक बार फिर उजागर करती है।
पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं
जहां बेटा न होने पर महिलाओं और बच्चियों को निशाना बनाया गया।
योगी सरकार द्वारा बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान और सख्त कानूनों के बावजूद ऐसी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
न्याय की मांग
बहराइच की इस त्रासदी ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। मायके वालों की मांग है
कि ससुराल पक्ष को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
पुलिस को उम्मीद है कि अगले 24-48 घंटों में मुख्य आरोपी गिरफ्तार हो जाएंगे।
यह घटना समाज को एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि बेटियां बोझ नहीं
, बल्कि समाज की शान हैं। न्याय हो, ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

