गोड़धोइया नाला निर्माण में बड़ा कदम: बाधक मकान गिराया, काम फिर शुरू
आगरा: गोड़धोइया नाला निर्माण कार्य में लंबे समय से बाधा बने एक मकान को प्रशासन ने आखिरकार गिरा दिया। इस कार्रवाई के बाद रुका हुआ निर्माण कार्य फिर से शुरू हो गया है। प्रशासन के अनुसार, मकान मालकिन कीर्ति सिंह (पत्नी राघवेंद्र सिंह) को प्रभावित हिस्से का मुआवजा पहले ही दे दिया गया था। बावजूद इसके कई बार मौखिक और लिखित नोटिस जारी होने के बाद भी निर्माण क्षेत्र में आने वाले हिस्से को नहीं हटाया गया। इसी कारण प्रशासन को बुलडोजर चलाना पड़ा।
घटना का पूरा विवरण
गोड़धोइया नाला आगरा शहर की प्रमुख जल निकासी व्यवस्था का हिस्सा है। पिछले कई महीनों से इसका चौड़ीकरण, गहराईकरण और कंक्रीटिंग का कार्य चल रहा है। नाला के एक हिस्से में कीर्ति सिंह का मकान आ रहा था, जिसके कारण निर्माण कार्य रुक गया था। प्रशासन ने पहले ही प्रभावित हिस्से का मूल्यांकन करा लिया था और मालकिन को उचित मुआवजा भी प्रदान कर दिया था।
ट्रस्ट और नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि:
- मुआवजा राशि कई महीने पहले खाते में ट्रांसफर कर दी गई थी।
- 3 बार लिखित नोटिस और कई मौखिक चेतावनियां जारी की गईं।
- मालकिन ने नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया और हिस्सा हटाने से इनकार कर दिया।
इस बीच निर्माण स्थल पर पहुंचे कर्मचारियों और ठेकेदार की टीम से भी मारपीट की गई थी। कर्मचारियों ने शिकायत की कि उन्हें धमकाया गया और काम करने से रोका गया। इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया और बुलडोजर से प्रभावित हिस्से को ध्वस्त कर दिया।
कार्रवाई के बाद निर्माण कार्य फिर शुरू
मकान के हिस्से को गिराए जाने के तुरंत बाद नाला निर्माण का काम फिर से शुरू हो गया। मजदूरों ने मलबा हटाने, खुदाई और कंक्रीट डालने का कार्य तेज कर दिया है। प्रशासन का कहना है कि अब कोई बाधा नहीं बची है और तय समयसीमा में नाला का काम पूरा हो जाएगा।
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया, “सार्वजनिक हित में यह कदम जरूरी था। नाला निर्माण से पूरे इलाके में जलभराव की समस्या खत्म होगी। मुआवजा देने के बाद भी सहयोग न मिलने पर मजबूरन कार्रवाई करनी पड़ी।”
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
आसपास के निवासियों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया है।
उनका कहना है कि मानसून से पहले नाला का काम पूरा होना बहुत जरूरी है,
क्योंकि हर साल गोड़धोइया नाला क्षेत्र में जलभराव से लोगों को भारी परेशानी होती है।
हालांकि कुछ लोगों ने मकान मालकिन के पक्ष में भी बात की और कहा कि मुआवजा पर्याप्त नहीं था।
प्रशासन का संदेश
प्रशासन ने सभी प्रभावितों से अपील की है कि विकास कार्यों में सहयोग करें। यदि कोई संरचना
सरकारी भूमि या निर्माण क्षेत्र में आ रही है, तो समय रहते हटाएं, अन्यथा कानूनी कार्रवाई होगी।
गोड़धोइया नाला परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए अब सभी संसाधन लगाए जा रहे हैं।
यह घटना आगरा में विकास कार्यों के दौरान बाधक संरचनाओं को हटाने के
मामलों में एक नया उदाहरण बन गई है।
प्रशासन का दावा है कि अब निर्माण कार्य निर्बाध रूप से चलेगा और शहरवासियों को जल्द राहत मिलेगी

