गोरखपुर न्यूज़ अपडेट: बड़हलगंज चौराहे पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की प्रतिमा और चौराहे के नाम को बदलने की कथित कोशिश के खिलाफ कांग्रेस पार्टी ने एकजुट होकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। यह घटना गोरखपुर में राजनीतिक बहस को तेज कर रही है, जहां लोग ऐतिहासिक विरासत और जनभावनाओं के सम्मान की मांग कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला? (Indira Gandhi Statue Gorakhpur Protest)
जिला कांग्रेस कमेटी गोरखपुर और महानगर कांग्रेस कमेटी ने संयुक्त रूप से जिलाध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी और महानगर अध्यक्ष रवि प्रताप निषाद के नेतृत्व में जिलाधिकारी गोरखपुर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि:
- इंदिरा गांधी की प्रतिमा के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति की प्रतिमा लगाने की तैयारी हो रही है।
- बड़हलगंज चौराहे का नाम बदलने की साजिश रची जा रही है।
कांग्रेस का कहना है कि इंदिरा गांधी पूरे देश की गौरवशाली विरासत हैं। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सामाजिक न्याय के लिए ऐतिहासिक योगदान दिया। उनकी प्रतिमा और चौराहे का नाम जनभावनाओं का प्रतीक है। इसे बदलना लोकतांत्रिक मूल्यों और ऐतिहासिक सम्मान के खिलाफ होगा।
कांग्रेस नेताओं के प्रमुख बयान
- राजेश कुमार तिवारी (जिलाध्यक्ष): “इंदिरा गांधी की प्रतिमा या चौराहे के नाम से छेड़छाड़ बिल्कुल अस्वीकार्य है। अगर ऐसा हुआ तो कांग्रेस शांतिपूर्ण आंदोलन चलेगी और सड़कों पर उतरेगी। जनभावनाओं से खिलवाड़ नहीं बर्दाश्त होगा।”
- पार्टी ने मांग की: किसी भी परिवर्तन को तुरंत रोका जाए और जनभावनाओं का सम्मान किया जाए।
विरोध में शामिल प्रमुख नेता और कार्यकर्ता
- गोरखलाल श्रीवास्तव
- प्रमोद नायक
- सतेंद्र निषाद
- महेंद्र मिश्रा
- विजेंद्र तिवारी
- डॉ. चिन्मय पाण्डेय
- तौकीर आलम
- राजेश निषाद
- संतोष शुक्ल
- तसनीम आलम अंसारी
- कालंजय तिवारी
- संतोष सिंह
- अविनाश पति त्रिपाठी
और जिला-महानगर कांग्रेस के दर्जनों पदाधिकारी व कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

