गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज के एक सर्जन से साइबर ठगों ने 71.22 लाख रुपये की ठगी कर ली। जब डॉक्टर ने पैसे वापस मांगे तो ठगों ने जान से मारने की धमकी दी। 15 दिसंबर 2025 की यह घटना साइबर क्राइम की बढ़ती वारदातों को उजागर करती है। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, ठगों ने फर्जी ID से डॉक्टर को फंसाया और स्टॉक मार्केट निवेश का लालच दिया। डॉक्टर ने कई बार पैसे ट्रांसफर किए, लेकिन जब रिटर्न नहीं मिला तो ठगों ने धमकी दी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना डॉक्टरों और आम लोगों के लिए साइबर ठगी की चेतावनी है। इस ब्लॉग में हम इस ठगी की पूरी डिटेल्स, ठगों का तरीका, डॉक्टर का बयान, पुलिस कार्रवाई और साइबर सुरक्षा टिप्स बताएंगे। यदि आप ऑनलाइन निवेश करते हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।
ठगी की पूरी डिटेल्स: 71.22 लाख कैसे ठगे
BRD मेडिकल कॉलेज के सर्जन को ठगों ने सोशल मीडिया पर फर्जी ID से संपर्क किया। मुख्य तरीका:
- स्टॉक मार्केट में निवेश का लालच।
- फर्जी ऐप और वेबसाइट से ट्रेडिंग दिखाई।
- पहले छोटी राशि से प्रॉफिट दिखाया।
- फिर बड़ी राशि मंगवाई – कुल 71.22 लाख।
- पैसे वापस मांगने पर धमकी: “पैसे भूल जाओ, नहीं तो जान से मार देंगे।”
डॉक्टर ने कई बार ट्रांसफर किया, लेकिन रिटर्न नहीं मिला।
ठगों का तरीका: फर्जी ID और धमकी
ठगों ने:
- फर्जी ब्रोकर ID बनाई।
- व्हाट्सएप और टेलीग्राम से संपर्क।
- फर्जी प्रॉफिट स्क्रीनशॉट भेजे।
- धमकी के लिए फर्जी पुलिस ID का इस्तेमाल।
- विदेशी नंबर से कॉल।
यह नया तरीका है, जहां पहले लालच और फिर धमकी दी जाती है।
डॉक्टर का बयान: सदमे में परिवार
सर्जन ने कहा, “मैंने निवेश किया, लेकिन सब फर्जी था। धमकी से डर गया।” परिवार सदमे में है। डॉक्टर ने कहा, “पैसे गए, लेकिन जान का डर ज्यादा है।”
पुलिस कार्रवाई: केस दर्ज, जांच शुरू
गोरखपुर पुलिस ने साइबर सेल को केस सौंपा। मुख्य कदम:
- IPC 420 (ठगी) और IT एक्ट में FIR।
- बैंक खातों की जांच।
- ठगों के नंबर ट्रेस।
- साइबर सेल की टीम सक्रिय।

