बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती-सिर्फ प्रतीक नहीं, एक जीवंत दर्शन हैं बिरसा मुंडा-संजय पराते
केवल पच्चीस वर्षों का जीवन, फिर भी उसका फलक काफी व्यापक है. जिस मुंडा समुदाय में उनका जन्म हुआ, जिस भूमि से उनका जुड़ाव रहा और जिन संघर्षों का उन्होंने नेतृत्व किया-ये सब उनके दायरे को सीमित नहीं कर सके. उनका नाम पूरे देश में गूंज रहा है, आदिवासी समुदायों के लिए, बिरसा मुंडा ‘धरतीआबा’…


