अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में पेश होने राहुल गांधी सुल्तानपुर कोर्ट पहुंचे हैं। अदालत ने उन्हें बयान दर्ज कराने का आज अंतिम मौका दिया था। आगे पढ़ें पूरा अपडेट… केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर की गई टिप्पणी के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज सुल्तानपुर के दीवानी न्यायालय में पेश हुए। वे लखनऊ एयरपोर्ट से सड़क मार्ग से सुल्तानपुर पहुंचे और बयान दर्ज कराया। उनके आगमन को लेकर कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी थी, जिसमें डॉग स्क्वायड और भारी पुलिस बल तैनात रहा।
मामला क्या है? अमित शाह पर टिप्पणी की पृष्ठभूमि
यह मामला 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक रैली में अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने अमित शाह को “हत्या का आरोपी” कहा था, जो जज लोया मौत मामले का संदर्भ देते हुए था। सुल्तानपुर के भाजपा नेता विजय मिश्रा ने इस पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। अदालत ने इसे गंभीर मानते हुए राहुल गांधी को कई बार समन जारी किया। 2024 में राहुल को जमानत मिली थी, लेकिन बयान दर्ज कराने में देरी हुई। आज का मौका अंतिम था, जहां वे अपना पक्ष रखेंगे और निर्दोष होने का दावा करेंगे, इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए।
राहुल गांधी का कोर्ट पहुंचना और बयान दर्ज
राहुल गांधी दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। सुबह करीब 10 बजे वे कोर्ट पहुंचे और बयान दर्ज कराया। कांग्रेस के यूपी अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि राहुल खुद पेश हुए और कई कार्यकर्ता उनके साथ थे। कोर्ट में उन्होंने अपना पक्ष रखा, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी राजनीतिक थी और कोई मानहानि नहीं। कोर्ट ने बयान दर्ज करने के बाद आगे की तारीख तय की। इस दौरान कोई राजनीतिक सभा या बयान नहीं दिया गया, लेकिन मामला चर्चा में रहा।
सुरक्षा व्यवस्था: कड़ी निगरानी और तैयारी
राहुल गांधी के आने से पहले सुल्तानपुर दीवानी न्यायालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई। डॉग स्क्वायड ने पूरे परिसर की जांच की। एक अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) और चार सर्किल ऑफिसर (सीओ) के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात था। यह इसलिए क्योंकि राहुल गांधी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं और मामला हाई-प्रोफाइल है। स्थानीय प्रशासन ने कोई अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सभी उपाय किए। कोर्ट परिसर में मीडिया और समर्थकों की भीड़ थी, लेकिन व्यवस्था सुचारू रही।
मामले की कानूनी स्थिति और संभावित परिणाम
अदालत ने राहुल गांधी को बयान दर्ज कराने का अंतिम मौका दिया था। अगर वे पेश नहीं होते तो गैर-जमानती वारंट जारी हो सकता था। राहुल ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को निर्दोष बताया। यह मामला राजनीतिक है, जहां भाजपा इसे कांग्रेस के खिलाफ इस्तेमाल कर रही है। अगर दोषी पाए गए तो सजा हो सकती है, लेकिन अपील का विकल्प है। कांग्रेस इसे साजिश बता रही है,
जबकि भाजपा इसे कानूनी प्रक्रिया कह रही है। अगली सुनवाई में गवाहों की पेशी हो सकती है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और व्यापक प्रभाव
इस मामले पर राजनीतिक हलचल तेज है। कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल के समर्थन में हैं,
जबकि भाजपा इसे न्याय की जीत बता रही है।
यह घटना विपक्षी नेताओं पर बढ़ते मुकदमों की बहस को फिर से जिंदा कर सकती है।
राहुल गांधी की कोर्ट यात्रा से सुल्तानपुर में उत्साह रहा,
लेकिन सुरक्षा के कारण आम लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित था। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि
ऐसे मामले चुनावी राजनीति को प्रभावित करते हैं।
निष्कर्ष में, राहुल गांधी का सुल्तानपुर कोर्ट में पेश होना एक महत्वपूर्ण घटना है,
जो राजनीति और न्याय के बीच की जंग को दर्शाती है। अमित शाह पर टिप्पणी का
यह मामला लंबे समय से चल रहा है और आज के बयान से आगे की दिशा तय होगी।
आगे की अपडेट्स के लिए बने रहें।


