मार्च तक 43 हजार से अधिक घरों को मिलेगी बड़ी राहत, 7 वार्डों में 342.19 किमी सीवर लाइन बिछेगी गोरखपुर में सीवरेज क्रांति की तेज रफ्तार

7 वार्डों में 342.19 किमी नई लाइन 7 वार्डों में 342.19 किमी नई लाइन

अधिक घरों को मिलेगी बड़ी राहत

गोरखपुर को क्लीन सिटी बनाने के अभियान के तहत सीवरेज प्रबंधन के लिए नगर निगम ने शहर को कुल आठ जोन में बांटकर कार्ययोजना तैयार की है। इन आठ जोन में कुल 2318 किमी सीवर लाइन बिछाई जानी है, जिससे करीब ढाई लाख घरों को सीवर कनेक्शन से जोड़ा जाएगा। इस व्यवस्था से शहरी क्षेत्र की करीब तेरह लाख आबादी को सीधा फायदा होगा। इसी योजना के पहले चरण में मार्च 2026 तक 43 हजार से अधिक घरों को बड़ी राहत मिलने वाली है। नगर निगम और जल निगम की संयुक्त परियोजना के तहत 7 प्रमुख वार्डों में 342.19 किमी नई सीवर लाइन बिछाई जा रही है। यह कदम गोरखपुर की पुरानी जलभराव, गंदगी और बीमारियों की समस्या को जड़ से खत्म करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

परियोजना का विस्तृत विवरण और वार्डवार कवरेज

परियोजना के तहत गोरखपुर के 7 वार्ड—वार्ड 1, 2, 5, 8, 11, 14 और 17—को प्राथमिकता दी गई है। इन वार्डों में कुल 342.19 किमी मुख्य और शाखा सीवर लाइन बिछाई जाएगी। मुख्य लाइन 150-600 मिमी व्यास की होगी, जबकि घरेलू कनेक्शन के लिए 150-200 मिमी की पाइपलाइन लगाई जाएगी। परियोजना की कुल लागत लगभग 850 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना और राज्य सरकार का योगदान शामिल है।

मार्च 2026 तक 43,000 से अधिक घरों में घरेलू सीवर कनेक्शन दिए जाएंगे। पहले चरण में 15,000 घरों को जोड़ा जा चुका है। शेष घरों के लिए तेजी से काम चल रहा है। नगर निगम के इंजीनियरों ने बताया कि पाइपलाइन बिछाने के साथ-साथ पुरानी नालियों की सफाई और मैनहोल निर्माण भी जोरों पर है। कुल 2318 किमी लाइन बिछने से शहर के लगभग ढाई लाख घर सीवरेज से जुड़ेंगे और 13 लाख से अधिक आबादी को स्वच्छता का लाभ मिलेगा।

लाभ: शहरवासियों को मिलने वाली राहत

इस परियोजना से गोरखपुर के निवासियों को कई तरह की राहत मिलेगी:

  • बारिश में जलभराव और गंदगी की समस्या से छुटकारा
  • मच्छर-मक्खी और जलजनित बीमारियों में भारी कमी
  • सड़कों पर जमा गंदे पानी से दुर्गंध और सड़क क्षति का अंत
  • पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छ गंगा अभियान को मजबूती
  • संपत्ति मूल्य में वृद्धि और शहर की सुंदरता में इजाफा

विशेष रूप से वार्ड 5 और 8 जैसे घनी आबादी वाले इलाकों में जहां बारिश में गंदा पानी घरों में घुस जाता था, अब यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी। छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और आम नागरिकों के लिए यह राहत बड़ी साबित होगी।

कार्य प्रगति और समयसीमा

नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक 180 किमी से अधिक लाइन बिछ चुकी है। जनवरी-फरवरी 2026 में शेष 162 किमी का काम पूरा किया जाएगा। मार्च तक घरेलू कनेक्शन और टेस्टिंग का काम पूरा हो जाएगा। परियोजना में 15 से अधिक ठेकेदार कंपनियां कार्यरत हैं। ड्रिलिंग मशीनों और जेसीबी के साथ काम तेजी से चल रहा है।

कुछ चुनौतियां जैसे पुरानी बस्तियों में जगह की कमी और बारिश के कारण काम में रुकावट आई है, लेकिन इंजीनियरों ने वैकल्पिक रास्ते अपनाकर प्रगति बनाए रखी है।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएं

स्थानीय निवासियों ने इस परियोजना का जोरदार स्वागत किया है। वार्ड 11 के निवासी रामप्रकाश यादव ने कहा,

“बारिश में गंदा पानी घर में घुसता था, अब उम्मीद है कि यह समस्या खत्म होगी।”

नगर निगम ने घरेलू कनेक्शन के लिए न्यूनतम शुल्क रखा है और गरीब परिवारों को सब्सिडी भी दी जाएगी।

भविष्य में गोरखपुर के शेष वार्डों में भी सीवरेज विस्तार की योजना है।

2027 तक पूरे शहर को सीवरेज से जोड़ने का लक्ष्य है।

यह परियोजना स्वच्छ भारत मिशन और अमृत योजना का हिस्सा है।

स्वच्छ और स्वस्थ गोरखपुर की ओर

मार्च 2026 तक 43 हजार घरों को सीवर लाइन से जोड़ना गोरखपुर के लिए ऐतिहासिक कदम है।

342.19 किमी की नई लाइन और कुल 2318 किमी की

योजना से शहर की तस्वीर बदल जाएगी। जलभराव, गंदगी और बीमारियों से मुक्ति मिलेगी।

यह विकास न केवल बुनियादी सुविधा है, बल्कि नागरिकों के सम्मानजनक जीवन का आधार भी है।

गोरखपुर अब स्वच्छता और आधुनिकता की नई मिसाल बनेगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *