हाईकोर्ट आदेश पर कार्रवाई, कई हिरासत। पूरी घटना की डिटेल।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पुराने दिल्ली क्षेत्र में स्थित तुर्कमान गेट एक बार फिर सुर्खियों में है। 7 जनवरी 2026 की सुबह MCD (म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ऑफ दिल्ली) ने हाईकोर्ट के आदेश पर फैज-ए-इलाही मस्जिद (मस्जिद सैयद फैज इलाही) के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। देर रात शुरू हुई इस बुलडोजर एक्शन में 10 से 30 बुलडोजर लगाए गए, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध और पथराव ने इलाके को छावनी में बदल दिया। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे और हल्का बल प्रयोग किया।
घटना का पूरा विवरण
कार्रवाई 6-7 जनवरी की दरमियानी रात करीब 1 बजे शुरू हुई। MCD की टीम ने रामलीला मैदान के पास मस्जिद से सटे इलाके में अवैध निर्माणों को निशाना बनाया। इनमें बारात घर, डायग्नोस्टिक सेंटर, पार्किंग एरिया, फुटपाथ और सड़क के हिस्से शामिल थे। अधिकारियों के अनुसार, ये अतिक्रमण करीब 38,940 वर्ग फुट क्षेत्र में फैले थे।
भारी पुलिस बल और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती के बीच बुलडोजर चले। जैसे ही कार्रवाई शुरू हुई, स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ लोग बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करने लगे, जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। इससे कम से कम 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए।
पुलिस ने जवाब में आंसू गैस के 40-50 गोले दागे और स्थिति को काबू में किया। कई लोगों को हिरासत में लिया गया और पथराव करने वालों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। CCTV और बॉडी कैमरा फुटेज से उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। सुबह तक कार्रवाई पूरी हो गई और 80% से ज्यादा अतिक्रमण हटा दिया गया।
हाईकोर्ट आदेश और कानूनी पृष्ठभूमि
यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट की नवंबर 2025 की डिवीजन बेंच के आदेश पर हुई। कोर्ट ने MCD और PWD को तीन महीने में रामलीला ग्राउंड के पास अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया था। MCD ने 22 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी कर कहा था कि मस्जिद के लिए आवंटित 0.195 एकड़ से ज्यादा की कोई भी संरचना अवैध है,
क्योंकि वक्फ बोर्ड या मस्जिद कमेटी के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं।
मस्जिद कमेटी ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
6 जनवरी को कोर्ट ने नोटिस जारी किया, लेकिन स्टे ऑर्डर नहीं दिया। कमेटी का दावा है
कि दरगाह और कब्रिस्तान 100 साल से ज्यादा पुराने हैं और “वक्फ बाय यूजर” के तहत संरक्षित हैं।
पुलिस और MCD का बयान
जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल रेंज) मधुर वर्मा ने कहा कि कार्रवाई कोर्ट के निर्देशानुसार थी और कुछ
उपद्रवियों ने पथराव कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। न्यूनतम बल प्रयोग से स्थिति काबू में कर ली गई।
DCP निधिन वल्सन ने बताया कि 25-30 लोगों ने पथराव किया, जिसमें पुलिसकर्मी घायल हुए।
MCD अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मस्जिद या दरगाह को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया, केवल अवैध अतिक्रमण हटाए गए।
राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
इस घटना ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
विपक्षी दलों ने इसे “समुदाय विशेष को निशाना बनाने” का आरोप लगाया,
जबकि सत्ताधारी पक्ष ने कोर्ट आदेश का पालन बताया।
स्थानीय लोग मस्जिद और कब्रिस्तान की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

