गोरखपुर में बड़ा खुलासा: ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर चल रहा था करोड़ों का फर्जीवाड़ा, सरगना समेत 2 धर लिए गए

गोरखपुर में बड़ा खुलासा गोरखपुर में बड़ा खुलासा

गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र में साइबर पुलिस ने देर रात छापा मारा। फर्जी कॉल सेंटर चलाने के आरोप में दो शातिर ठग गिरफ्तार कर लिए गए। मुख्य सरगना राकेश प्रजापति और उसका साथी जने आलम पुलिस की गिरफ्त में हैं। तीसरा आरोपी अभी फरार बताया जा रहा है।

कैसे चल रहा था खेल?

आरोपी किराए के ऑफिस में युवतियों को नौकरी देकर बैठाते थे। इनमें नाबालिग लड़कियां भी शामिल थीं। फोन पर लोगों को ऑनलाइन गेमिंग ऐप में पैसा लगाने का लालच दिया जाता था। पहले छोटी-छोटी जीत दिखाकर भरोसा बनाया जाता था। इसके बाद बड़ी रकम लगवाकर बैंक डिटेल्स ले ली जाती थीं। फिर खाते खाली कर दिए जाते थे।

रोजाना होता था 10-15 लाख का लेन-देन

पुलिस के मुताबिक गरीब लोगों से म्यूल अकाउंट खुलवाए जाते थे। इन अकाउंट्स के जरिए रोजाना 10 से 15 लाख रुपये का ट्रांजेक्शन होता था। यह गिरोह पिछले दो साल से सक्रिय था। अब तक करोड़ों रुपये की ठगी का अनुमान है।

पीलीभीत से मिला अहम सुराग

मामला तब खुला जब पीलीभीत पुलिस ने एक ऐसा ही गिरोह पकड़ा। वहां दुबई से ट्रेनिंग लेकर आए अमृतपाल सिंह समेत तीन लोग गिरफ्तार हुए थे। जांच में पता चला कि गोरखपुर का यह सेंटर भी उसी नेटवर्क का हिस्सा था। पीलीभीत से मिली जानकारी के आधार पर गोरखपुर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की।

छापे में क्या-क्या बरामद हुआ?

  • 6 लैपटॉप
  • 3 स्मार्टफोन
  • 4 हेडसेट
  • कई फर्जी सिम कार्ड और बैंक पासबुक
  • ठगी में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण

निष्कर्ष

साइबर ठगी के ये नए-नए तरीके आम आदमी को आसानी से शिकार बना रहे हैं। गोरखपुर और पीलीभीत के ये मामले बताते हैं कि फर्जी कॉल सेंटर अब संगठित गिरोह की तरह काम कर रहे हैं। पुलिस की सतर्कता सराहनीय है, लेकिन सबसे बड़ी जिम्मेदारी हमारी खुद की है। कोई भी अनजान लिंक या ऐप पर पैसा लगाने से पहले सौ बार सोचें।

FAQ

प्रश्न: यह स्कैम किस नाम से चल रहा था? उत्तर: ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के नाम पर।

प्रश्न: कितने रुपये की ठगी हुई? उत्तर: अब तक करोड़ों रुपये की ठगी का पता चला है।

प्रश्न: गिरफ्तार आरोपियों के नाम क्या हैं? उत्तर: राकेश प्रजापति (सरगना) और जने आलम।

प्रश्न: इस गिरोह को ट्रेनिंग कहां से मिली थी? उत्तर: पीलीभीत के गिरोह से, जिसे दुबई से ट्रेनिंग मिली थी।

प्रश्न: ऐसे फ्रॉड से बचने का सबसे आसान तरीका? उत्तर: अनजान कॉल पर कभी बैंक डिटेल्स या OTP न दें। कोई भी गेमिंग ऐप डाउनलोड करने से पहले अच्छे से जांच करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *