नव वर्ष 2026 पर कर्मचारियों की बड़ी मांग: पुरानी पेंशन बहाल करे सरकार!

नव वर्ष 2026 पर कर्मचारियों की बड़ी मांग नव वर्ष 2026 पर कर्मचारियों की बड़ी मांग

नव वर्ष 2026: 31 दिसंबर 2025 को गोरखपुर के बंटी शुभारंभ मैरेज लॉन, तारामंडल रोड, रामपुर चौराहा पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की एक आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने किया। बैठक में बड़ी संख्या में कर्मचारी, शिक्षक और अन्य अधिकारी शामिल हुए।

सरकार पर कॉरपोरेट दबाव का आरोप, कर्मचारियों का भविष्य खतरे में

अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार कॉरपोरेट घरानों के दबाव में आकर कर्मचारियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। धीरे-धीरे सभी विभागों का निजीकरण किया जा रहा है और उन्हें कॉरपोरेट के हाथों सौंपा जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कर्मचारी शेयर बाजार आधारित पेंशन व्यवस्था (एनपीएस) से संतुष्ट नहीं हैं, क्योंकि यह उनके भविष्य को अनिश्चितता में डाल देती है। कर्मचारी सुरक्षित और निश्चित भविष्य चाहते हैं, लेकिन सरकार इस दिशा में गंभीर नहीं दिख रही।

97% कर्मचारियों ने UPS का विकल्प ठुकराया, पुरानी पेंशन की मांग तेज

रूपेश श्रीवास्तव ने बताया कि अब तक लगभग 97 प्रतिशत कर्मचारियों ने एकीकृत पेंशन योजना (UPS) का विकल्प नहीं चुना है। यह आंकड़ा कर्मचारियों के एनपीएस और यूपीएस के प्रति गहरे अविश्वास को साफ दर्शाता है। परिषद ने सरकार से मांग की है कि एनपीएस और यूपीएस को तुरंत समाप्त कर पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) बहाल की जाए।

नव वर्ष पर अंतरिम राहत और 8वें वेतन आयोग की मांग

अध्यक्ष ने कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि आठवें वेतन आयोग को तय समयसीमा में रिपोर्ट सौंपनी चाहिए। जब तक रिपोर्ट लागू नहीं होती, 1 जनवरी 2026 से वेतन में अंतरिम राहत दी जाए ताकि कर्मचारी परिवार सम्मानजनक जीवन जी सकें। अन्य प्रमुख मांगों में शामिल हैं:

  • 50% महंगाई भत्ता मूल वेतन में मर्ज किया जाए
  • पेंशनरों को भी आठवें वेतन आयोग में उचित लाभ मिले
  • कोरोना काल में फ्रीज किए गए 18 माह के डीए/डीआर एरियर का भुगतान हो
  • 65, 70 और 75 वर्ष की आयु पर पेंशन में 20% बढ़ोतरी हो
  • पेंशनरों की रेलवे किराया रियायत बहाल की जाए

पुरानी पेंशन के बिना भविष्य अंधकारमय: मदन मुरारी शुक्ल

महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल ने कहा कि पुरानी पेंशन के बिना कर्मचारियों, शिक्षकों, पुलिस जवानों और अर्धसैनिक बलों का भविष्य अंधकारमय है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सरकार व्यवस्थापिका (सांसदों/विधायकों) को पुरानी पेंशन दे रही है, तो कार्यपालिका (कर्मचारियों) में एनपीएस और यूपीएस क्यों थोपा जा रहा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक तरीके से कहा कि यदि सभी के लिए एक समान पेंशन व्यवस्था लागू कर सभी की चार-चार पेंशनें समाप्त कर दी जाएं, तो देश वाकई खुशहाल हो सकता है।

फिटमेंट फैक्टर 3.86 से कम नहीं होना चाहिए: पंडित श्याम नारायण शुक्ल

वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित श्याम नारायण शुक्ल ने जोर दिया कि फिटमेंट फैक्टर 3.86 से कम नहीं किया जाना चाहिए।

महंगाई लगातार बढ़ रही है, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और घरेलू खर्चों का बोझ बढ़ता जा रहा है।

ऐसे में सरकार को संवेदनशील होकर यथोचित निर्णय लेना चाहिए।

बैठक में मौजूद प्रमुख पदाधिकारी और कर्मचारी

बैठक में रूपेश कुमार श्रीवास्तव, गोविंद जी, मदन मुरारी शुक्ल, पंडित श्याम नारायण शुक्ल,

अनिल द्विवेदी, बंटी श्रीवास्तव, मिथिलेश तिवारी, राजेश मिश्रा, राजेश सिंह, संतोष सिंह सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी उपस्थित रहे।

यह बैठक नव वर्ष 2026 की शुरुआत से पहले कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर

सरकार पर दबाव बनाने का स्पष्ट संकेत देती है।

राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने स्पष्ट किया है कि पुरानी पेंशन बहाली तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

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