गोरखपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने एक चौंकाने वाली कार्रवाई की है। कपड़ा और चमड़ा रंगने वाले जहरीले केमिकल से भुना चना रंगकर बाजार में बेचा जा रहा था। 16 दिसंबर 2025 को विभाग ने 30 टन ऐसा जहरीला चना पकड़ा। अमर उजाला और दैनिक जागरण की रिपोर्ट्स के अनुसार, रेड गोरखपुर के एक गोदाम पर हुई, जहां चना को रोडामाइन बी और अन्य सिंथेटिक कलर से रंगा जा रहा था। यह केमिकल कपड़ा और चमड़ा उद्योग में इस्तेमाल होता है, लेकिन खाने में मिलाने से लिवर, किडनी और कैंसर का खतरा बढ़ता है।
विभाग ने गोदाम सील कर दिया और सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। यह घटना गोरखपुर में मिलावटी खाद्य पदार्थों की समस्या को उजागर करती है। इस ब्लॉग में हम इस कार्रवाई की पूरी डिटेल्स, केमिकल का खतरा, विभाग की रेड, सैंपल जांच और स्वास्थ्य सावधानियां बताएंगे। यदि आप गोरखपुर में रहते हैं या भुना चना खाते हैं, तो ये अपडेट्स आपके लिए जरूरी हैं।
रेड की डिटेल्स: 30 टन जहरीला चना पकड़ा
खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचना मिली कि एक गोदाम में भुना चना को जहरीले केमिकल से रंगा जा रहा है। 16 दिसंबर को टीम ने छापा मारा। मुख्य बातें:
- स्थान: गोरखपुर शहर के बाहर एक गोदाम।
- मात्रा: 30 टन तैयार और कच्चा चना।
- केमिकल: रोडामाइन बी (रेड कलर), मेटानिल येलो और अन्य सिंथेटिक डाई।
- तरीका: चना को केमिकल में भिगोकर रंगते थे, फिर भूनकर पैक।
- बाजार: स्थानीय और बाहर भेजा जा रहा था।
विभाग ने गोदाम सील किया और मालिक को नोटिस जारी किया।
केमिकल का खतरा: लिवर और किडनी खराब
ये केमिकल कपड़ा और चमड़ा रंगने के लिए हैं, खाने में प्रतिबंधित। मुख्य खतरे:
- रोडामाइन बी: कैंसरकारक, लिवर और किडनी डैमेज।
- मेटानिल येलो: पेट दर्द, उल्टी और एलर्जी।
- लंबे समय में: कैंसर, गुर्दे फेल।
- बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित।
विशेषज्ञों ने कहा, “ऐसा चना खाने से गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।”
विभाग की कार्रवाई: सैंपल जांच और सील
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कहा, “सैंपल लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने पर FIR दर्ज होगी।” मुख्य कदम:
- गोदाम सील।
- माल नष्ट करने की तैयारी।
- सप्लाई चेन की जांच।
- अन्य गोदामों पर नजर।
यह कार्रवाई त्योहारों से पहले महत्वपूर्ण है।
मिलावट की समस्या: गोरखपुर में बढ़ते मामले
गोरखपुर में मिलावटी खाद्य पदार्थों के मामले बढ़ रहे हैं। मुख्य:
- मसाले, दूध और नमकीन में मिलावट।
- जहरीले कलर का इस्तेमाल।
- स्वास्थ्य विभाग की रेड बढ़ीं।

