पानी खरीदते समय रहें सावधान: डेढ़ लाख बोतल दूषित पानी बाजार में खप चुका, कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की पुष्टि

उत्तर प्रदेश में खाद्य उत्तर प्रदेश में खाद्य

खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: चार ब्रांड फेल, लाखों बोतल बाजार में

उत्तर प्रदेश में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच ने एक बार फिर पैक्ड ड्रिंकिंग वाटर की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विभाग द्वारा लिए गए नमूनों में चार स्थानीय कंपनियों के पैक्ड पानी के सैंपल फेल पाए गए। जांच रिपोर्ट में इनमें कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मौजूदगी की पुष्टि हुई है, जो सीधे तौर पर पेट संबंधी बीमारियां, डायरिया, उल्टी और गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है। विभाग के अनुसार इन चार ब्रांडों की कुल डेढ़ लाख से अधिक बोतलें बाजार में बिक चुकी हैं और उपभोक्ताओं ने इन्हें बिना किसी शक के खरीदा-पीया है।

कौन-कौन से ब्रांड फेल हुए? जांच रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

खाद्य सुरक्षा टीम ने विभिन्न जिलों से रैंडम सैंपलिंग की थी। रिपोर्ट में सामने आया कि चार स्थानीय ब्रांडों के पानी में कुल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया की मात्रा निर्धारित सीमा से कई गुना अधिक पाई गई। ये बैक्टीरिया मानव मल से दूषित पानी में पाए जाते हैं, जो फिल्ट्रेशन और कीटाणुनाशक प्रक्रिया की कमी को दर्शाता है। विभाग ने इन ब्रांडों की बिक्री पर तत्काल रोक लगाने के आदेश दिए हैं और उत्पादन इकाइयों पर छापेमारी की जा रही है। प्रभावित जिलों में विशेष अभियान चलाकर बची बोतलों को जब्त किया जा रहा है।

स्वास्थ्य के लिए खतरा: कोलीफॉर्म बैक्टीरिया क्या है और क्यों खतरनाक?

कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मुख्य रूप से ई. कोलाई जैसे हानिकारक बैक्टीरिया का संकेतक होता है। यह पेट में संक्रमण, फूड पॉइजनिंग, टाइफाइड और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां फैला सकता है। बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग सबसे ज्यादा जोखिम में हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना इस्तेमाल होने वाला पानी अगर दूषित हो तो लंबे समय में किडनी और लीवर पर भी असर पड़ सकता है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अगर हाल में इन ब्रांडों का पानी पिया है और पेट दर्द, उल्टी या दस्त हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

पानी खरीदते समय रहें होशियार: क्या चेक करें?

  • FSSAI लाइसेंस नंबर और ISI मार्क जरूर देखें।
  • बोतल पर उत्पादन और एक्सपायरी डेट साफ होनी चाहिए।
  • बोतल सील्ड और टैंपर-प्रूफ हो।
  • स्थानीय या अनजान ब्रांड की बजाय बड़े ब्रांड (बिसलेरी, किंगफिशर, एक्वाफिना आदि) चुनें।
  • पानी का स्वाद, गंध या रंग असामान्य लगे तो तुरंत न पीएं।
  • हो सके तो RO या UV फिल्टर वाला घरेलू पानी इस्तेमाल करें।

विभाग की कार्रवाई और आगे की योजना

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि फेल सैंपलों की कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज की जा रही है। उत्पादन लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। विभाग ने सभी जिलों में पैक्ड पानी की जांच तेज करने के निर्देश दिए हैं। उपभोक्ताओं से अपील है कि दूषित पानी की कोई भी बोतल मिले तो तुरंत हेल्पलाइन 1800-11-2100 या स्थानीय खाद्य सुरक्षा कार्यालय में सूचना दें।

सुरक्षित पानी आपका अधिकार

यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि पैक्ड पानी को भी बिना जांचे नहीं पीना चाहिए।

डेढ़ लाख बोतल दूषित पानी बाजार में पहुंच चुका है, जो लाखों लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा है। सतर्क रहें,

जागरूक रहें और सुरक्षित पानी चुनें। स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी संपत्ति है।

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