गोरखपुर। 14 फरवरी को अटेवा पेंशन बचाओ मंच की जनपद शाखा गोरखपुर के समस्त शिक्षक-कर्मचारियों ने पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए 43 जवानों को गोरखपुर विश्वविद्यालय के सामने पंत पार्क में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा में शहीद सैनिकों के चित्र पर फूलों की मालाएं चढ़ाई गईं और दो मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया गया। यह कार्यक्रम पुलवामा शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षक-कर्मचारियों ने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को दोहराया।
शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि: पुरानी पेंशन बहाली का आह्वान
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए अटेवा के जिला अध्यक्ष सुनील कुमार दूबे ने कहा कि अर्धसैनिक बलों के जवानों के प्रति हम सभी कर्जदार हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, “हम अपना कर्ज अर्धसैनिक बलों को उनके बुढ़ापे की लाठी पुरानी पेंशन दिलवाकर ही उतार सकते हैं। पुलवामा में शहीद हुए जवानों को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।” उन्होंने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि माननीय न्यायालय के आदेश के बावजूद भी अर्धसैनिक बलों को पुरानी पेंशन व्यवस्था से वंचित रखा गया है, जो असंवैधानिक है। दूबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार को शीघ्र पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए, क्योंकि लोकतंत्र में हठधर्मिता ठीक नहीं है।
पुरानी पेंशन: शिक्षक-कर्मचारियों की बुढ़ापे की लाठी
अटेवा के जिला महामंत्री ज्ञान प्रकाश सिंह एवं कोषाध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद ने कहा कि पुरानी पेंशन शिक्षक-कर्मचारियों की बुढ़ापे की लाठी है और उनके आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा का मूल अधिकार है। जिला उपाध्यक्ष राजकुमार एवं संतोष पाठक ने सरकार से मांग की कि शीघ्र पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल की जाए, अन्यथा समस्त शिक्षक-कर्मचारी विवश होकर आंदोलन को बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षक-कर्मचारी लंबे समय से इस मांग को लेकर संघर्षरत हैं और अब धैर्य की सीमा पार हो रही है।
सभा में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी और कार्यकर्ता
श्रद्धांजलि सभा में सुनील कुमार दूबे, ज्ञान प्रकाश सिंह, संतोष पाठक, राजकुमार, अर्जुन गुप्ता, शिव प्रसाद शर्मा,
राकेश कुमार, पवन तिवारी, डॉ राकेश कुमार शर्मा, विशाल पांडेय, जय वर्धन मौर्या, अनूप,
अच्छे लाल मौर्या सहित विभिन्न विभागों के शिक्षक-कर्मचारी एवं पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
सभी ने शहीदों के चित्र पर फूल चढ़ाए और उनके बलिदान को याद किया।
सभा में पुरानी पेंशन बहाली के लिए एकजुटता का संकल्प भी लिया गया।
पुलवामा शहादत दिवस: देशभक्ति और पेंशन मांग का संगम
यह आयोजन पुलवामा हमले के शहीदों को याद करने के साथ-साथ अटेवा मंच की
पुरानी पेंशन बहाली की मांग को मजबूती प्रदान करने वाला रहा।
शिक्षक-कर्मचारियों का मानना है कि शहीदों के बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि तभी दी जा सकती है
जब देश के कर्मचारियों को उनके हक की सुरक्षा मिले।
अटेवा पेंशन बचाओ मंच ने स्पष्ट किया कि आंदोलन जारी रहेगा और सरकार पर दबाव बढ़ाया जाएगा।

