गीडा में बिजली संकट पर महत्वपूर्ण बैठक: उद्यमियों की समस्याएं सुनीं
गोरखपुर के गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में बिजली से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने के लिए बुधवार को उद्योग भवन में एक अहम बैठक हुई। इस बैठक में गीडा के उद्यमियों और उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बिजली निगम) के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। उद्यमियों ने क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती, लो-वोल्टेज, फीडर की खराबी और बिलिंग में विसंगतियों जैसी समस्याओं को विस्तार से रखा। अधिकारियों ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और जल्द निस्तारण का आश्वासन दिया। यह बैठक गीडा क्षेत्र के औद्योगिक विकास और उत्पादन को सुचारु बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
उद्यमियों ने रखी मुख्य समस्याएं: लो-वोल्टेज से लेकर बिलिंग तक
बैठक में उद्यमियों ने कई गंभीर मुद्दे उठाए। सेक्टर-15 के ब्लॉक-I में लो-वोल्टेज की समस्या पर विशेष चर्चा हुई, जहां उद्यमी सुमित कक्कड़ ने 400 KVA का नया वितरण परिवर्तक लगाने की मांग की। कई उद्यमियों ने बताया कि अनियमित बिजली आपूर्ति से मशीनें प्रभावित हो रही हैं और उत्पादन में कमी आ रही है। फीडर ट्रिपिंग और बार-बार ब्रेकडाउन से कामकाज बाधित हो रहा है। इसके अलावा बिलिंग में गलतियां, अधिक बिल आने और मीटर रीडिंग की समस्या भी सामने आई। ‘चेम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज’ के अध्यक्ष आर. के. सिंह ने कहा कि इन समस्याओं से गीडा में निवेश और रोजगार प्रभावित हो रहा है। उद्यमियों ने समयबद्ध कार्य योजना और नियमित फॉलो-अप की मांग की।
बिजली निगम अधिकारियों का जवाब: जल्द समाधान का वादा
बिजली निगम के अधिकारियों ने उद्यमियों की बातें ध्यान से सुनीं और समस्याओं के निस्तारण के लिए प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि लो-वोल्टेज और फीडर संबंधी मुद्दों पर तुरंत सर्वे करवाया जाएगा और आवश्यक ट्रांसफॉर्मर या लाइन अपग्रेडेशन किया जाएगा। बिलिंग विसंगतियों को सुधारने के लिए विशेष टीम गठित की जाएगी। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अगले कुछ दिनों में ही अधिकांश समस्याओं का समाधान हो जाएगा। बैठक में उपखंड अधिकारी और अन्य इंजीनियर मौजूद थे, जिन्होंने तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
गीडा क्षेत्र के लिए महत्व: औद्योगिक विकास को मिलेगा बल
गीडा गोरखपुर का प्रमुख औद्योगिक हब है, जहां टेक्सटाइल, हैंडलूम, मैन्युफैक्चरिंग और अन्य छोटे-बड़े उद्योग हैं। बिजली की स्थिर आपूर्ति यहां के उद्योगों के लिए जीवनरेखा है
। बैठक से उद्यमियों में उम्मीद जगी है कि अब समस्याएं जल्द खत्म होंगी।
गीडा में हाल के वर्षों में निवेश बढ़ रहा है, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की योजनाओं से क्षेत्र में मेगा
टेक्सटाइल पार्क जैसे प्रोजेक्ट्स आ रहे हैं। बिजली समस्या का समाधान
इन योजनाओं को गति देगा और हजारों रोजगार सृजित करने में मदद करेगा।
उद्यमियों की अपील: नियमित मॉनिटरिंग और बेहतर समन्वय
उद्यमियों ने बैठक के बाद कहा कि आश्वासन अच्छा है, लेकिन अब क्रियान्वयन जरूरी है।
उन्होंने नियमित बैठकें और ऑनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम की मांग की।
चेम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज ने कहा कि बिजली निगम और गीडा प्रशासन के बीच बेहतर
समन्वय से उद्योगों का विकास तेज होगा। बैठक का सकारात्मक परिणाम आने वाले दिनों में दिखेगा,
जिससे गीडा क्षेत्र पूर्वांचल का मजबूत औद्योगिक केंद्र बनेगा।


