गोरखपुर/शाहपुर से बड़ा ऐलान
गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र के गोविंद नगरी निवासी सामाजिक कार्यकर्ता पूर्वांचल गांधी ने अपने आवास सत्यपथ से प्रदेश में बढ़ती सांप्रदायिकता और नफरत की राजनीति के खिलाफ बड़ा ऐलान किया है।
23 मार्च को संभल में शांतिपूर्ण सत्याग्रह
उन्होंने कहा है कि 23 मार्च, शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के शहादत दिवस पर संभल में मस्जिद के बाहर सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक शांतिपूर्ण सत्याग्रह किया जाएगा।
इसके बाद शाम 4 बजे जिलाधिकारी संभल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
संवेदनशील जिलों में दलित अधिकारियों की नियुक्ति की मांग
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र में मांग की है कि अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, संभल, बहराइच, मुरादाबाद, बरेली और गोरखपुर जैसे संवेदनशील जिलों में दलित जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की नियुक्ति की जाए।
प्रशासनिक संतुलन के लिए मुस्लिम अधिकारियों का सुझाव
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यदि संभव हो तो इन जिलों में कलेक्टर या पुलिस कप्तान में से किसी एक पद पर मुस्लिम अधिकारी की नियुक्ति की जाए, ताकि प्रशासनिक संतुलन और सामाजिक विश्वास कायम हो सके।
प्रदेश में बढ़ती सांप्रदायिकता पर चिंता
अपने पत्र में उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव और नफरत की राजनीति बढ़ रही है, जिससे समाज में विभाजन की स्थिति बन रही है।
क्रांतिकारियों की एकता की विरासत का उल्लेख
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की धरती पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाकउल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह और राजेंद्र लाहिड़ी जैसे क्रांतिकारियों की शहादत की गवाह है, जिन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए संघर्ष किया था।
उन्होंने कहा कि देश की आज़ादी हिंदू-मुस्लिम एकता के संघर्ष का परिणाम है और
किसी भी प्रकार की नफरत उस बलिदान की भावना के खिलाफ है।
प्रशासन से निष्पक्ष भूमिका निभाने की अपील
उन्होंने भारतीय प्रशासनिक तंत्र से अपील की कि वे संविधान और सामाजिक समरसता की रक्षा के लिए निष्पक्ष भूमिका निभाएं।
नजरबंदी और सुरक्षा को लेकर चिंता
पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि कई बार उन्हें मानवता और
संविधान की बात करने पर घर में नजरबंद किया जाता है।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि या तो उन्हें जेल भेज दिया जाए या फिर
उनके और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए,
क्योंकि उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है।
कई संवैधानिक संस्थाओं को भेजी पत्र की प्रति
उन्होंने अपने पत्र की प्रतिलिपि सर्वोच्च न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय,
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, उत्तर प्रदेश के राज्यपाल, मुख्य सचिव और डीजीपी को भी भेजी है।
संविधान और भाईचारे की रक्षा का संकल्प
उन्होंने ऐलान किया कि उनका संघर्ष संविधान, सेकुलरिज्म और भाईचारे की रक्षा के लिए है और
वह इसे शांतिपूर्ण तरीके से जारी रखेंगे।


