गोरखपुर स्टेशन पर रेलवे की मार
गोरखपुर रेलवे स्टेशन, जो पूर्वांचल का सबसे व्यस्त जंक्शन है, पिछले 24 घंटों में यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया। अमृत भारत एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 22345/22346) अपने निर्धारित समय से 20 घंटे लेट होकर पहुंची। यह ट्रेन जो सामान्यतः 6-7 घंटे में गोरखपुर पहुंचती है, इस बार यात्रियों को पूरी रात प्लेटफॉर्म पर इंतजार करवाया।
न केवल अमृत भारत, बल्कि पिछले 48 घंटों में 12 से अधिक प्रमुख ट्रेनें 5 से 20 घंटे तक लेट रहीं। प्लेटफॉर्म पर सैकड़ों यात्री ठंड में कंबल ओढ़कर सोते नजर आए, बच्चे रोते रहे और बुजुर्गों की हालत खराब हो गई।
कौन-कौन सी ट्रेनें लेट रहीं?
रेलवे सूत्रों और यात्रियों के अनुसार प्रमुख ट्रेनें जो देरी से प्रभावित हुईं:
- अमृत भारत एक्सप्रेस – 20 घंटे लेट
- गोरखपुर-आनंद विहार हमसफर – 14 घंटे लेट
- गोरखपुर-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस – 12 घंटे लेट
- पूर्णिया-गोरखपुर एक्सप्रेस – 10 घंटे लेट
- गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस – 8 घंटे लेट
- अन्य लोकल और मेल एक्सप्रेस ट्रेनें – 5 से 15 घंटे तक देरी
यात्रियों का कहना है कि ठंड के मौसम में इतनी लंबी देरी ने उन्हें बेहद परेशान किया। कई परिवारों ने प्लेटफॉर्म पर ही चाय-बिस्किट पर गुजारा किया।
देरी के मुख्य कारण
रेलवे अधिकारियों ने निम्नलिखित कारण बताए:
- लखनऊ-गोरखपुर रेलखंड पर सिग्नल फेलियर और ट्रैक मेंटेनेंस का काम
- कानपुर-लखनऊ सेक्शन में फॉग (कोहरा) के कारण स्लो स्पीड
- उत्तर रेलवे में कई ट्रेनों का रूट डायवर्शन
- ट्रैक पर मालगाड़ी का ब्रेकडाउन और इंजन फेलियर
यात्रियों का आरोप है कि रेलवे ने पहले से कोई सूचना नहीं दी और न ही वैकल्पिक व्यवस्था की।
यात्रियों की स्थिति और गुस्सा
प्लेटफॉर्म नंबर 1 से 9 तक हर जगह यात्री जमीन पर लेटे हुए थे। एक यात्री ने बताया – “हम 20 घंटे से ज्यादा इंतजार कर रहे हैं। बच्चे बीमार हो गए, खाना-पीना सब ठंडा हो गया। रेलवे वालों से पूछो तो कोई जवाब नहीं देते।”
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर वीडियो और फोटो शेयर किए, जिसमें प्लेटफॉर्म पर सोते परिवार और बच्चे दिख रहे हैं। #GorakhpurTrainDelay और #RailwayLaparvahi ट्रेंड कर रहे हैं।
रेलवे की प्रतिक्रिया
उत्तर रेलवे के प्रवक्ता ने बताया कि देरी के लिए खेद है।
- अतिरिक्त वेटिंग रूम खोले गए
- चाय और पानी की व्यवस्था की गई
- प्रभावित यात्रियों को टाटकल रिफंड का प्रावधान
- ट्रेनों की समय-सारिणी को जल्द सुधारने का प्रयास
यात्रियों की सुरक्षा और समय की जरूरत
गोरखपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन पर इतनी बड़ी देरी और यात्रियों की दुर्दशा रेलवे की लापरवाही को उजागर करती है। सर्दियों में कोहरा और मेंटेनेंस का बहाना बार-बार दिया जाता है, लेकिन यात्रियों को पहले से सूचित करने और वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत है। पूर्वांचल के लाखों यात्री अब रेलवे से बेहतर समय-सारिणी और पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं।


