शाहजहांपुर में बुलडोजर से टूटीं अमर बलिदानियों की प्रतिमाएं: अखिलेश यादव ने की घोर निंदा

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शाहजहांपुर में बुलडोजर से टूटीं अमर बलिदानियों की प्रतिमाएं: पूरा मामला क्या है?

शाहजहांपुर की धरती को शहीदों की नगरी कहा जाता है। लेकिन रविवार देर रात यहां एक घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया। नगर निगम कार्यालय परिसर में स्थापित काकोरी कांड के अमर शहीदों राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह की प्रतिमाएं बुलडोजर से टूट गईं। निर्माण एजेंसी की लापरवाही के कारण हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में भारी रोष फैल गया है।

नगर निगम कार्यालय के सामने स्मार्ट रोड निर्माण कार्य चल रहा है। पुरानी प्रतिमाओं को हटाकर नई प्रतिमाएं लगाने का काम ठेकेदार को सौंपा गया था। लेकिन ठेकेदार ने बिना सूचना दिए रात में बुलडोजर चलाकर प्रतिमाओं को हटाने की कोशिश की, जिससे वे खंडित हो गईं। मलबे को डंपिंग ग्राउंड में फेंक दिया गया।

अखिलेश यादव ने घटना को बताया घोर निंदनीय

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे शहीदों का अपमान बताते हुए कहा कि यह घोर निंदनीय है। अखिलेश यादव ने सवाल उठाया कि शहीदों की प्रतिमाओं पर बुलडोजर कैसे चल सकता है? उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से जवाब मांगा है।

महापौर अर्चना वर्मा ने भी मौके पर पहुंचकर नगर निगम अधिकारियों से नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि शहीदों के सम्मान में कोई कमी नहीं होनी चाहिए।

घटना के पीछे की पूरी कहानी

  • नगर निगम ने स्मार्ट रोड निर्माण के लिए एक एजेंसी को 40 लाख रुपये की निविदा पर ठेका दिया था।
  • पुरानी प्रतिमाओं को हटाकर नई प्रतिमाएं पीछे की तरफ लगाई जानी थीं।
  • ठेकेदार ने रविवार रात बिना किसी को सूचित किए बुलडोजर चला दिया।
  • परिणामस्वरूप तीनों अमर शहीदों की प्रतिमाएं टूट गईं।
  • नगर आयुक्त ने कहा है कि नई प्रतिमाएं जल्द से जल्द स्थापित की जाएंगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी।

शहरवासी इस घटना को शहीदों के सम्मान में कमी मान रहे हैं। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

शाहजहांपुर क्यों है शहीदों की नगरी?

शाहजहांपुर का इतिहास स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा है। काकोरी ट्रेन डकैती कांड में शामिल पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह जैसे वीर क्रांतिकारियों ने यहां से देश की आजादी के लिए बलिदान दिया। उनकी प्रतिमाएं नगर निगम परिसर में स्थापित थीं, जो अब टूट चुकी हैं।

क्या कहते हैं नगर निगम अधिकारी?

नगर निगम प्रशासन का कहना है कि यह लापरवाही की घटना है। ठेकेदार को सख्त चेतावनी दी गई है। नई प्रतिमाओं को शीघ्र लगाने का आश्वासन दिया गया है। महापौर अर्चना वर्मा ने खुद मामले की निगरानी करने का फैसला लिया है।

घटना पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं

  • अखिलेश यादव (सपा): “शहीदों की प्रतिमाओं पर बुलडोजर चलाना घोर निंदनीय है। यह शहीदों का अपमान है।”
  • स्थानीय नेता और समाजसेवी संगठनों ने भी विरोध प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी है।

आगे क्या होगा?

प्रशासन ने नई प्रतिमाएं बनाने और स्थापित करने का वादा किया है। साथ ही दोषी ठेकेदार और

संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की बात कही गई है। शहरवासियों की मांग है कि

शहीदों के सम्मान में कोई कमी न हो और भविष्य में ऐसी लापरवाही न दोहराई जाए।

अंतिम अपडेट: 24 मार्च 2026 यह घटना शहीदों के प्रति सम्मान और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल उठाती है।

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