रामगढ़ ताल: गोरखपुर शहर के प्रमुख पर्यटन स्थल रामगढ़ ताल में स्थित फ्लोटिंग रेस्टोरेंट में 9 जनवरी 2026 को शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे अचानक भीषण आग लग गई। यह रेस्टोरेंट तालाब पर तैरते प्लेटफॉर्म पर बना हुआ है, जहां पर्यटक नौका विहार के साथ-साथ स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेते हैं। आग लगने की खबर फैलते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग इधर-उधर भागने लगे और आसपास के नौका चालक भी सहम गए।
आग लगने का कारण: रसोई में तड़का लगाते समय भड़की चिंगारी
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, आग रेस्टोरेंट की रसोई में लगी। स्टाफ सदस्य कढ़ाई में सब्जी के लिए तड़का लगा रहे थे, तभी गैस या तेल से चिंगारी भड़क उठी। देखते ही देखते आग पूरे रसोई क्षेत्र में फैल गई और फिर रेस्टोरेंट के अन्य हिस्सों तक पहुंच गई। फ्लोटिंग होने के कारण आग बुझाना चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि पानी पर स्थित होने से सामान्य तरीके से पहुंचना मुश्किल होता है। हालांकि, रेस्टोरेंट में मौजूद सभी कर्मचारी और कुछ पर्यटक सुरक्षित बाहर निकल आए।
फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई: 30 मिनट में आग पर काबू
सूचना मिलते ही रामगढ़ ताल पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां आईं और नौकाओं की मदद से रेस्टोरेंट तक पहुंचकर आग बुझाने का कार्य शुरू किया। करीब 30 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। न तो कोई कर्मचारी घायल हुआ और न ही कोई पर्यटक प्रभावित। फायर अधिकारी ने बताया कि समय पर कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
रामगढ़ ताल: गोरखपुर का प्रमुख पर्यटन स्थल
रामगढ़ ताल गोरखपुर का एक ऐतिहासिक और लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। यहां नौका विहार की सुविधा के साथ-साथ हाल के वर्षों में फ्लोटिंग रेस्टोरेंट का निर्माण किया गया था, जिसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद शुभारंभ किया था। यह रेस्टोरेंट शहरवासियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। यहां उत्तर भारतीय, चाइनीज और कॉन्टिनेंटल व्यंजनों के साथ तालाब के मनोरम दृश्य का आनंद लिया जा सकता था। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट की यह अनोखी अवधारणा यूपी में पहली बार शुरू की गई थी, जो पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम था।
नुकसान का आकलन और जांच जारी
आग से रेस्टोरेंट के रसोई क्षेत्र, फर्नीचर और कुछ उपकरणों को काफी नुकसान पहुंचा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि, संरचना को बड़ा नुकसान नहीं हुआ, क्योंकि आग को जल्दी काबू कर लिया गया। पुलिस और फायर विभाग की टीम जांच कर रही है कि आग का सटीक कारण क्या था
। गैस सिलेंडर लीकेज या इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की भी संभावना जताई जा रही है।
रेस्टोरेंट संचालकों ने कहा कि जल्द ही मरम्मत कराकर इसे फिर से शुरू किया जाएगा।
सुरक्षा उपायों की जरूरत
यह घटना एक बार फिर सुरक्षा मानकों की याद दिलाती है। फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसे अनोखे स्थलों पर फायर सेफ्टी इक्विपमेंट,
जैसे एक्सटिंगुइशर और इमरजेंसी एग्जिट, की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि रसोई में तेल और गैस से जुड़े कार्यों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी जरूरी है।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण और नगर निगम को ऐसे स्थलों की नियमित जांच करानी चाहिए
ताकि भविष्य में ऐसे हादसे न हों।
यह हादसा हालांकि बिना किसी जानमाल के नुकसान के टल गया,
लेकिन यह पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा की महत्ता को रेखांकित करता है।
रामगढ़ ताल फिर से पर्यटकों का स्वागत करने के लिए तैयार होगा,
लेकिन इस घटना से सबक लेकर।

