17 जनवरी, 2025 को बहुजन मुक्ति पार्टी के बैनर तले उत्तर प्रदेश के समस्त जिलों सहित जनपद मथुरा में भी विद्युत विभाग का निजीकरण किए जाने के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर राज्यपाल महोदया उत्तर प्रदेश को ज्ञापन प्रेषित किया गया.
इस ज्ञापन में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष डॉ आशीष कुमार गोयल द्वारा पत्रांक संख्या 3680/2024-48-AS/2024 तारिख 26 नवंबर, 2024 को
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में आगामी रिफॉर्म के दृष्टिगत सुचारू विद्युत व्यवस्था एवं कानून व्यवस्था बनाए जाने विषयक पत्र लिखा गया था. इस पत्र में अध्यक्ष द्वारा उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को
रिफॉर्म करने की बात से स्पष्ट होता है कि वह डर रहे हैं कि लोग विरोध प्रदर्शन करेंगे और उनके लिए कानून व्यवस्था बनाए जाने के लिए समस्त मंडल आयुक्त जोनल अपर पुलिस महानिदेशक,
पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक समस्त जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, उत्तर प्रदेश को आदेशित करने से यह पता चलता है कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को निजी हाथों में सौंपने की एक भयानक साजिश है.
इस बात से भी यह सिद्ध होता है कि आखिर अध्यक्ष जी अधिकारी कर्मचारीयों को तीन विकल्प क्यों दे रहे हैं?
(1.) वह उसी स्थान पर बने रहे (2.) उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड या अन्य डिस्कॉम में जाएं (3.) आकर्षक VRS ले लें
सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में देने से लोगों का प्रतिनिधित्व समाप्त हो जाएगा तथा निजी हाथों में जाने से उपभोक्ताओं से तो मनमानी की जाएगी ही बल्कि अधिकारी कर्मचारियों का भी शोषण किया जाएगा जिससे प्रदेश में बेहताशा महंगाई बढ़ जाएगी.
उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड को निजी हाथों में देने का निर्णय वापस लिया जाए. अगर उक्त निर्णय को वापस नहीं लिया गया तो जल्दी ही बहुजन मुक्ति पार्टी के माध्यम से
उत्तर प्रदेश की जनता जेल भरो आंदोलन करेगी सरकारी संपत्ति देश की संपत्ति है इसे किसी भी परिस्थिति में निजी हाथों में नहीं जाने देंगे.

