कानपुर में सीवर टैंक सफाई हादसा
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के गूबा गार्डन इलाके में सीवर टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से पिता और पुत्र की मौत हो गई। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
क्या है पूरा मामला?
जावेद और उनका पुत्र आकिब कल्याणपुर क्षेत्र में एक सीवर टैंक की सफाई करने के लिए उतरे थे। टैंक के भीतर जमा जहरीली गैस (मुख्यतः मीथेन और हाइड्रोजन सल्फाइड) का प्रभाव इतना तीव्र था कि दोनों मजदूर देखते ही देखते बेहोश हो गए। जब काफी देर तक अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और प्रशासन को सूचना दी।
पिता-पुत्र कैसे बने जहरीली गैस की चपेट में?
सीवर टैंक में बिना किसी सुरक्षा उपकरण के उतरते ही दोनों पिता-पुत्र बेहोश हो गए। जहरीली गैस ने उनके दम घुटने का काम किया। वे टैंक के अंदर ही गिर पड़े और बाहर निकलने में असमर्थ हो गए। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि सीवर सफाई जैसे काम में बिना PPE किट, गैस डिटेक्टर और ऑक्सीजन मास्क के उतरना कितना खतरनाक है।
रेस्क्यू ऑपरेशन और अस्पताल पहुंच
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी पुलिस बल के साथ सीएफओ दीपक शर्मा, डीसीपी, एसीपी, स्थानीय थाना प्रभारी, फायर ब्रिगेड, SDRF और एम्बुलेंस पहुंची। काफी मशक्कत के बाद SDRF टीम ने दोनों को टैंक से बाहर निकाला। उन्हें तुरंत एम्बुलेंस के जरिए हैलट अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
प्रशासन ने तुरंत रेस्क्यू अभियान शुरू किया। फायर ब्रिगेड और SDRF की टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए ऑपरेशन चलाया। पुलिस ने मौके पर पंचनामा किया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि घटना की विस्तृत जांच की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
परिजनों का दर्द और इलाके में हड़कंप
मृतक जावेद और आकिब के परिजन सदमे में हैं। परिवार की महिलाएं रो-रोकर बुरा हाल कर रही हैं। पूरे गूबा गार्डन इलाके में सनसनी फैल गई है। स्थानीय लोग कह रहे हैं कि ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं,
लेकिन सीवर सफाई के लिए उचित सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित टीम उपलब्ध नहीं कराई जाती।
सीवर सफाई में सुरक्षा की अनदेखी पर सवाल
यह घटना एक बार फिर सफाई कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाती है।
कानपुर जैसे बड़े शहर में भी सीवर टैंक की
सफाई मैनुअल तरीके से की जा रही है, जबकि सुप्रीम कोर्ट और सरकार के निर्देशों के अनुसार मशीनी सफाई और
सुरक्षा उपकरण अनिवार्य हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना गैस डिटेक्टर और
ऑक्सीजन सप्लाई के किसी भी टैंक में उतरना जानलेवा हो सकता है।
कानपुर कल्याणपुर के गूबा गार्डन में हुए इस दर्दनाक हादसे में
पिता जावेद और पुत्र आकिब की जहरीली गैस से मौत हो गई।
भीतर उतरते ही बेहोश होने से दोनों की जान चली गई।
प्रशासन और SDRF की रेस्क्यू टीम ने उन्हें बाहर निकाला,
लेकिन अस्पताल पहुंचते-पहुंचते दोनों मृत थे। परिजन बेहाल हैं और इलाके में शोक की लहर है।
यह घटना सफाई कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी का बड़ा उदाहरण है।
उम्मीद है कि प्रशासन ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाएगा।


