गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मारपीट: इंटर्न vs नर्सिंग स्टाफ, हंगामा मचा
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज एक बार फिर विवादों में घिर गया है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा सेंटर में गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे महिला सर्जरी वार्ड नंबर चार से जुड़े एक इंटर्न छात्र ने ट्रॉमा सेंटर इमरजेंसी सर्जरी में बिना पूछे एक इंजेक्शन (दवा) ले जाने की कोशिश की। ड्यूटी पर तैनात पुरुष नर्स जयप्रकाश ने कहा कि सिर्फ अपने काम का सिरिंज में भरकर ले जाएं।
इंजेक्शन विवाद पर भड़का इंटर्न, थप्पड़ और पिटाई
इस बात पर इंटर्न छात्र आग बबूला हो गया। आरोप है कि उसने नर्स को थप्पड़ जड़ दिया। विवाद बढ़ने पर इंटर्न ने फोन कॉल करके अपने 20 से 25 साथी इंटर्न छात्रों को बुला लिया। आए साथियों ने मिलकर नर्स की जमकर पिटाई कर दी। मारपीट इतनी तेज थी कि एक अन्य नर्स भी घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही परिसर में हड़कंप मच गया। नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत प्राचार्य कार्यालय पहुंचकर शिकायती पत्र सौंपा और सख्त कार्रवाई की मांग की।
शुक्रवार को नर्सिंग स्टाफ का प्रदर्शन, हंगामा जारी
अगले दिन शुक्रवार को नर्सिंग स्टाफ ने पूरे दिन प्रदर्शन किया। उन्होंने काम ठप कर दिया और परिसर में हंगामा मचा दिया। नर्सिंग कर्मचारियों के समर्थन में मेडिकल कॉलेज के अन्य कर्मचारी भी शामिल हो गए। स्थिति बिगड़ने पर प्रशासन ने हस्तक्षेप किया। प्राचार्य डॉ. रामकुमार जायसवाल ने जांच पूरी होने तक आरोपी इंटर्न छात्र और स्टाफ नर्स दोनों को ड्यूटी से हटा दिया। दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज की गई है और जांच चल रही है।
घटना के कारण और प्रभाव
यह विवाद छोटे से इंजेक्शन ले जाने के मुद्दे से शुरू हुआ लेकिन जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गया। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि इंटर्नों का व्यवहार असहयोगी था, जबकि इंटर्न पक्ष का दावा है कि नर्स ने अनावश्यक रोकटोक की। CCTV फुटेज में घटना कैद हुई है, जिससे जांच में मदद मिलेगी। इस घटना से अस्पताल में मरीजों के इलाज पर असर पड़ा, क्योंकि नर्सिंग स्टाफ ने काम रोका। ऑल इंडिया रजिस्टर्ड नर्सिंग फेडरेशन ने भी मामले में हस्तक्षेप की चेतावनी दी है और न्याय की मांग की है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में सुरक्षा और अनुशासन पर सवाल
बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहले भी कई विवादों में रहा है, लेकिन यह घटना डॉक्टरों और
नर्सिंग स्टाफ के बीच तनाव को उजागर करती है। जहां एक तरफ मरीजों की
जान बचाने का काम होता है, वहीं ऐसी घटनाएं अस्पताल की छवि खराब करती हैं।
प्रशासन ने दोनों को ड्यूटी से हटाकर तत्काल कदम उठाया,
लेकिन स्थायी समाधान की जरूरत है। जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ
सख्त कार्रवाई होने की उम्मीद है। फिलहाल परिसर में तनाव बना हुआ है
और नर्सिंग स्टाफ प्रदर्शन जारी रख सकता है।
यह मामला स्वास्थ्य कर्मियों के बीच आपसी सम्मान और प्रोटोकॉल की अहमियत को रेखांकित करता है।
गोरखपुर के लोगों और मरीजों को उम्मीद है कि जल्द शांति बहाल होगी और सेवाएं सामान्य होंगी।


