कांग्रेस की सख्त चेतावनी: संदिग्ध मंशा वाली एफआईआर की गहन जांच जरूरी
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस कमेटी ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए कहा है कि यदि एफआईआर दर्ज कराने वाले व्यक्ति की मंशा संदिग्ध है तो उसकी भूमिका की गहन जांच होनी चाहिए। पार्टी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस किसी भी प्रकार के राजनीतिक या वैचारिक द्वेष से प्रेरित षड्यंत्र को बर्दाश्त नहीं करेगी।
कांग्रेस नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जोर देकर कहा कि ऐसे मामलों में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच अनिवार्य है। यदि जांच निष्पक्ष नहीं हुई तो पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से सड़कों पर उतरकर संघर्ष करेगी। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विभिन्न स्तरों पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और एफआईआर के दुरुपयोग के मामले सामने आ रहे हैं। कांग्रेस का यह रुख पार्टी की न्याय और संवैधानिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
संविधान और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा का मजबूत संकल्प
कांग्रेस कमेटी ने इस मौके पर दोहराया कि पार्टी संविधान, धार्मिक स्वतंत्रता और न्याय की मर्यादा की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करने को प्रतिबद्ध है। पार्टी का मानना है कि लोकतंत्र में किसी भी व्यक्ति या समुदाय की धार्मिक भावनाओं का दुरुपयोग या राजनीतिक लाभ के लिए षड्यंत्र नहीं चलाया जाना चाहिए। संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों की रक्षा कांग्रेस की प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की साजिश के खिलाफ पार्टी सतर्क रहेगी।
नेताओं ने कहा कि ऐसे मामलों में जांच एजेंसियों को निष्पक्ष रहना होगा ताकि निर्दोष लोगों को परेशान न किया जाए और दोषियों को सजा मिले। पार्टी ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में सक्रिय रहें और लोकतांत्रिक ढंग से आवाज उठाएं।
मौजूद प्रमुख कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस और बैठक में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे:
- विनोद पाण्डेय
- हफीजुर रहमान
- संतोष शुक्ला
- मनोज यादव
- उत्कर्ष पाण्डेय
- हरिसेवक तिवारी
- जयनरायण यादव
- चिन्मय पाण्डेय
- राजेश निषाद
- अविनाश पति त्रिपाठी
- सुहेल अंसारी
- उमाशंकर मौर्या
- ज्ञानेंद्र शाही
इन नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर पार्टी के इस बयान का समर्थन किया और कहा कि कांग्रेस हमेशा कमजोर और न्याय की मांग करने वालों के साथ खड़ी रहेगी।
राजनीतिक संदर्भ और प्रभाव
यह बयान उत्तर प्रदेश की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां
अक्सर एफआईआर और जांच के नाम पर राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप लगते रहे हैं।
कांग्रेस का यह कड़ा रुख विपक्षी दलों को मजबूत संदेश देता है कि पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
यदि जांच में पक्षपात हुआ तो सड़क आंदोलन और लोकतांत्रिक विरोध के जरिए आवाज बुलंद की जाएगी।
कांग्रेस का यह संकल्प संविधान की रक्षा और धार्मिक सद्भाव बनाए रखने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
पार्टी उम्मीद करती है कि प्रशासन और जांच एजेंसियां निष्पक्षता बरतेंगी ताकि लोकतंत्र मजबूत रहे।


