चिलुआताल हत्याकांड: मुख्य आरोपी विशाल ने हुलिया बदलकर बचने की कोशिश की, साथी संग गिरफ्तार; सिर मुंडवा लिया था, पहचान छिपाने की कोशिश नाकाम

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चिलुआताल हत्याकांड: रविवार शाम गोली मारकर की गई हत्या

गोरखपुर जिले के चिलुआताल इलाके के तेनुअहिया गांव में रविवार शाम को एक दर्दनाक हत्याकांड हुआ। स्थानीय निवासी अरुण निषाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसमें तीन बाल अपराधी शामिल थे। मुख्य आरोपी विशाल ने हुलिया बदलकर बचने की कोशिश की—सिर मुंडवा लिया और पहचान छिपाने की पूरी तैयारी की, लेकिन पुलिस की सतर्कता से वह फंस गया।

पुलिस की तेज कार्रवाई: पांच आरोपी धराए

पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। घटनास्थल से सबूत जुटाए गए और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। बुधवार तक पुलिस ने मुख्य आरोपी विशाल और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही तीन बाल अपराधियों को भी पकड़ा गया। मंगलवार को इन तीनों बाल अपराधियों को किशोर न्याय बोर्ड के सामने पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया। फर्टिलाइजर निवासी देवेंद्र और बिट्टू निषाद को कोर्ट ने जेल भेज दिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी आपसी रंजिश में हत्या को अंजाम दिया।

मुख्य आरोपी विशाल की चालाकी: सिर मुंडवाकर हुलिया बदला

मुख्य आरोपी विशाल ने हत्या के बाद बचने के लिए हुलिया बदलने की कोशिश की। उसने अपना सिर मुंडवा लिया और अलग कपड़े पहनकर छिपने की कोशिश की। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने सोचा था कि नया लुक अपनाने से पहचान छिपी रहेगी। लेकिन पुलिस ने मुखबिरों की मदद से उसकी लोकेशन ट्रैक की और साथी संग धर दबोचा। यह कार्रवाई पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच का नतीजा है। आरोपी की यह चालाकी नाकाम होने से इलाके में पुलिस की छवि मजबूत हुई है।

हत्या का कारण: आपसी रंजिश और पुरानी दुश्मनी

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अरुण निषाद और आरोपियों के बीच पुरानी रंजिश थी। रविवार शाम को विवाद बढ़ने पर आरोपी ने गोली मार दी। घटना के बाद गांव में मातम का माहौल है। परिवार ने न्याय की मांग की है। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद किया है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।

बाल अपराधियों की भूमिका: किशोर न्याय बोर्ड ने सुधार गृह भेजा

हत्या में शामिल तीन बाल अपराधियों को किशोर न्याय बोर्ड ने सुधार गृह भेज दिया। बोर्ड ने उनकी उम्र और अपराध की गंभीरता को देखते हुए फैसला लिया। पुलिस का कहना है कि

बाल अपराधियों की भूमिका सहायक थी, लेकिन वे भी हत्या में शामिल थे।

सुधार गृह में उन्हें काउंसलिंग और शिक्षा दी जाएगी।

पुलिस और प्रशासन की प्रतिबद्धता: कानून का राज

गोरखपुर पुलिस ने इस मामले में तेज कार्रवाई कर दिखाया कि अपराधी

चाहे कितनी भी चालाकी करें, कानून से नहीं बच सकते।

एसएसपी ने कहा कि हत्या जैसे संगीन अपराधों में बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है।

न्याय की उम्मीद

चिलुआताल हत्याकांड में मुख्य आरोपी और साथियों की गिरफ्तारी से पीड़ित परिवार को न्याय की उम्मीद जगी है।

पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच ने अपराधियों की चालाकी को नाकाम कर दिया।

ऐसे मामलों में समाज को भी जागरूक रहना होगा। अपडेट्स के लिए जुड़े रहें।

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